यूपी के घरों में भर रहे राजस्थानी कला के रंग

गोंडा:राजस्थानकेचुरुजिलेकेरहनेवालेकलाकारइनदिनोंउत्तरप्रदेशमेंअपनीचित्रकलाकाजादूबिखेररहेहैं।घरोंकीछतहोंयादीवारेंअथवारसोईघरइनकीकलाकारीसेचहकरहीं।मार्बलजैसीआकृतियांहोंयाफूल-पत्तीअथवाअन्यडिजाइनें,सस्तीऔरटिकाऊपें¨टगकीयहकारीगरीहरकिसीकोलुभारही।ऐसेमेंगोंडाहोयाबहराइचयहांकेलोगनएमकानोंमेंकीरंगाई-पुताईकरानेकेबजायराजस्थानीकलाकोतरजीहदेरहे।कारणकमखर्चमेंयहकामआसानहोगयाहै,जिसकीउम्रभीआमपेंटसेकहींज्यादाबतायीजारहीहै।जिलेकेचंदवतपुरनिवासीकेसरीप्रसादशुक्लनेअभीहालमेंहीनयामकानबनवायाहै।प्लास्टरकेबादहीराजस्थानकीचित्रकारीसेइनकेघरकीदीवारेंऔरछतकुछखासहीनजरआरहेहैं।वहकहतेहैंकिइसविधासेखर्चकमआरहा।नईचीजहोनेकेकारणकुछअलगहै।पांडेयपुरवानिवासीखुड़भुड़,भुदुआकेपप्पूऔरबहराइचजिलेकेपयागपुरनिवासीजनक¨सहकोयहकलाकारीइतनीभायीकिइनलोगोंनेसमूचेमकानमेंकमरोंमेंअलग-अलगडिजाइनतैयारकरायीहै,जिसेदेखकरलोगइसकलाकीतारीफकररहे।

किनसामग्रियोंकाहोताइस्तेमाल

मार्बलपाउडर,चूना,पेंट,सोहोकपाउडरपॉलिश।

सस्तीएवंटिकाऊ

वैसेतोएकबारमकानोंकीपें¨टगकरानेपरलगभगपांचसालतकउसकीचमकरहतीहै।पानीपड़नेपरइसकीचमकजानेलगतीहैलेकिन,इसविधाकीचित्रकारीरंगाई-पुताईकेमामलेमेंसस्तीऔरज्यादाटिकाऊबतायीजारहीहै।इसकाखर्चसामग्रीसहित15रुपयेस्क्वायरफीटआताहै,जिसकीउम्र15सालहै।पानीवधुलाईकाइसपरकोईप्रभावनहींपड़ता।

क्याकहतेहैंचित्रकार

हमेंयहकलाअपनेपूर्वजोंसेमिलीहै।इसकेलिएकहींबाहरजाकरचित्रकारीकरनेकीजरूरतनहींहोती।बड़ोंकेसाथहीकुछदिनरहकरहमइसकलाकोसीखकररोजी-रोजीकेलिएराजस्थान,यूपी,दिल्लीआदिप्रदेशोंमेंटोलीलेकरनिकलपड़तेहैं।कामअच्छाऔरसस्ताहोनेकेकारणडिमांडबढ़ीहै।

चंदन,राजस्थानीचित्रकार

ग्रामसदारशहर,जिलाचुरु