यूक्रेन में भारतीय छात्र 500 रुपये लीटर पर पानी खरीदने को मजबूर

जितेंद्रसिंह,ग्रेटरनोएडा:यूक्रेन-रूसकेबीचचलरहेयुद्धकेबीचअबवहांफंसेभारतीयछात्रोंकीहालतबदसेबदतरहोतीजारहीहै।छात्रमेट्रोस्टेशनकेबेसमेंटमेंरहरहेहैं,तोकुछखुलेआसमानमेंहीठंडमेंरहनेकोमजबूरहैं।आलमयहहैकिछात्र500रुपयेलीटरमेंपेयजलखरीदनेकोमजबूरहैं।पिछलेचारदिनोंसेसिर्फबिस्किटऔरचाकलेटखाकरगुजाराकररहेहैं।जोभीखानेकासामानसाथलेकरचलेथे,वहखत्महोगयाहै।रुपयेभीखत्महोगएहैं।एटीएमबंदहैं।वहांकेलोगबीच-बीचमेंजोखानेकासामानलातेहैं,वहसिर्फछोटेबच्चोंकोदियाजारहाहै।ग्रेटरनोएडाकेकईछात्रयूक्रेनमेंअभीभीफंसेहैं।चारदिनसेनहींमिलाअन्न:सेक्टरगामा-1निवासीपूजायादवभीयूक्रेनमेंफंसीहैं।वहखारकीवशहरमेंएमबीबीएसकीछात्राहैं।उन्होंनेयुद्धकेबीचहमलोंसेखुदकोसुरक्षितरखनेकेलिएवहांकेअंडरग्राउंडमेट्रोस्टेशनमेंशरणलीहै।पूजाकेपिताकन्हैयायादवनेबतायाकिहमलेकेबादबेटीनेकालेजकेपासहीमेट्रोस्टेशनमेंशरणलीथी।खाने-पीनेकाकुछसामानपूजाअपनेसाथलेकरचलींथीं,वहखत्महोगया।पीनेकासाफपानीभीनसीबनहींहोरहाहै।उसकेतीनदोस्त500रुपयेलीटरमेंपानीखरीदकरपीरहेहैं।तीनदिनसेसिर्फबिस्किटऔरचाकलेटखारहेहैं।दूतावाससेबातकरनेपरवहांसेकोईजवाबनहींमिलाहै।राहतकार्यालयसेभीसंपर्ककिया।वहांसेभीकोईजवाबनहींमिला।पूजाडरीहैं।स्वजनभीसहमेहैं।सरकारसेगुहारलगाईहैकिजल्दवहांफंसेछात्रोंकोसकुशलनिकलवानेकेलिएप्रयासतेजकियाजाए।लगातारबिगड़रहीछात्रोंकीहालत:ग्रेटरनोएडाकीअंसलगोल्फलिकसोसायटीनिवासीसंचितशर्माभीरोमानियाबार्डरपरफंसेथे।उनकोसोमवारसुबहबार्डरपरप्रवेशदियागया।दूतावासनेसंचितकोअन्यभारतीयछात्रोंकेसाथसबसेपहलेबार्डरपरबनेएकशेल्टरहोममेंरखागया।उसकेबादसोमवारशामकरीबपांचबजेबसमेंबैठाकरबुखारेस्टकेलिएरवानाकरदियागया।संचितकेभाईतरुणनेबतायाकिसंचितकाफीपरेशानहै।हालतबिगड़नेपरसंचितअपनेलगभग60साथियोंकेसाथएकबसकीव्यवस्थाकररोमानियाबार्डरकीओरनिकले।सभीसाथियोंनेकरीबएकलाखरुपयेबसकाकिरायादिया।रविवारकीरातसंचितरोमानियाबार्डरपहुंचेथे।भीड़मेंउनकोकरीबआठघंटेकतारमेंलगकरबार्डरपरसोमवारकीसुबहसातबजेप्रवेशमिला।इसकेबादभारतीयदूतावासनेउनकोएकबार्डरपरशेल्टरहोममेंरखा।शेल्टरहोमसेउनकोशामपांचबजेदूतावासनेअपनीबसमेंबैठाकरबुखारेस्टकेलिएअन्यभारतीयोंकेसाथरवानाकिया।