योजना की मुख्य विशेषता निजी डॉक्टरों का स्वेच्छा से सेवा देना है। उन्होंने कहा हालांकि राज्य के सरकारी क्षेत्र में स्त्रीरोग एवं प्रसूति विशेषग्यों की कोई कमी नहीं है।

राज्यकेराष्ट्रीयस्वास्थ्यमिशन:एनएचएम:द्वाराउपलब्धआंकड़ोंकेअनुसारमध्यप्रदेशकीतुलनामेंअसममेंपीएमएसएमएकेतहतमहज62डॉक्टरपंजीकृतहैं।मध्यप्रदेशमेंइसकेतहतसर्वाधिक625डॉक्टरपंजीकृतहैं।मातृस्वास्थ्यसलाहकारडॉ.पंकजसुथरनेकहा,हालांकियहहमारेलियेचिंताकाविषयनहींहैक्योंकिजिलास्तरपरहमारेपासपर्याप्तस्त्रीरोगविशेषग्यहैं।पिछलेसालजूनमेंइसेशुरूकियेजानेकेबादसेमार्चतकअबतक1.48लाखमहिलाओंकोइसकालाभमिलाहैऔरइसप्रगतिसेहमखुशहैं।उन्होंनेकहाकियोजनाकामुख्यलक्ष्यउच्चजोखिमवालीगर्भवतीमहिलाओंखासकरएनिमिया:खूनकीकमी:सेग्रस्त,उच्चरक्तचाप,बहुगर्भधारण,अस्थानिकगर्भधारणऔर18वर्षसेकमउम्रकीकोईभीमहिलाकीपहचानकरनाहै।गर्भवतीमहिलाएंआमतौरपरएनएनसीदेखभालसेसंतुष्टहैंक्योंकिअधिकतरजांचएकहीस्थानपरहोतेहैंऔरदवाइयांविशेषकरआयरनफोलिकटैबलेटउन्हेंदियेजातेहैं।पांडुरेफरलयूनिटकीएसएमएचओडॉ.प्रणिताडेकानेकहाकिखूनएवंमूत्रकीजांच,उंचाईऔरवजनमापना,रक्तचापजांचना,एएनसीतथागर्भवतीमहिलाओंकोयातायातकीसुविधानि:शुल्कउपलब्धकरायीजातीहै।जिलास्तरकेअधिकतरअस्पतालोंमेंयूएसजीमशीनेंहैं,लेकिनकर्मचारियोंकीकमीकेचलतेकईमामलोंमेंमरीजोंकोजांचकेलियेनिजीयाअन्यसरकारीअस्पतालभेजनापड़ताहै।अधिकतरजिलाअस्पतालोंमेंकोईब्लडबैंकनहींहैलेकिनरक्तभंडारणकीसुविधामौजूदहै।