Yoga Day: गठिया रोग से थी पीड़‍ित, योग ने ऋतंभरा को बनाया निरोग

गोरखपुर,राजनारायणमिश्र:अनियमितदिनचर्यावप्रदूषणकेदौरमेंयोगलोगोंकेजीवनकाअहमहिस्साबनताजारहाहै।कोरोनामहामारीफैलनेकेबादयोगवप्राणायामकीमहत्ताभीलोगोंकोखूबसमझमेंआईहै।लोगोंकोअसाध्यबीमारीमेंभीइससेलाभमिलरहाहै।संतकबीरनगरजिलेमेंबखिराथानाक्षेत्रकेजगदीशपुरकी36वर्षीयऋतंभराकोकमउम्रमेंहीगठियाजैसीगंभीरबीमारीहोगई।रोजमर्राकाकामकरनाभीमुश्किलहोगया।जाड़ेमेंसमस्याऔरबढ़जातीथी।दवाखानेसेदर्दसेराहततोमिलजातीथी,लेकिनदवाकाअसरखत्महोतेहीफिरवहीहालहोजाताथा।अच्‍छेअस्पतालोंमेंभीउपचारकरायालेकिनकोईफायदानहींहुआ।

ऋतंभराकेलिएवरदानसाबितहुआयोग

मेंहदावलनिवासीयोगाचार्यडा.राघवेंद्रप्रतापरमननेउन्हेंयोगकाअभ्यासकरनेकेलिएप्रेरितकियाजोऋतंभराकेलिएवरदानसाबितहुआ।यौगिकसूक्ष्मव्यायाम,पवनमुक्तासन,कपालभातिकेनियमितअभ्याससेउनकीदवाओंपरनिर्भरताअबपूरीतरहसेखत्महोगई।अबवहसामान्यरूपसेअपनाकार्यकरपातीहैं।योगअबउनकीदिनचर्याकाअभिन्नअंगबनगयाहै।गठियारोगसेकाफीहदतकनिजातमिलनेकेबादअबवहसूर्यनमस्कारआदिआसनभीआसानीसेकरनेलगीहैं।

दूसरोंकोदेरहींयोगसेनिरोगहोनेकामंत्र

ऋतंभराकोयोगसेराहतमिलीतोअबवहदूसरोंकोभीयोगएवंप्राणायामकरनेकेलिएजागरूककररहीहैं।वीडियोकालिंगद्वारावहरिश्तेदारोंवदोस्तोंतथाघरेलूकामकाजीमहिलाओंकोआसनकेबारेमेंजानकारीदेतीहैं।ऋतंभराकोयोगसेराहतमिलनेकेबादगांवकेलोगभीजागरूकहोरहेहैं।कोरोनाकालमेंयोगकीमहत्तासमझमेंआनेकेबादलोगयोगकोअपनीजिंदगीकाअहमहिस्साबनारहेहैं।

स्‍वस्‍थशरीरकेलिएयोगवप्राणायामनितांतजरूरी

गृहिणीऋतंभरानेकहाकियोगवप्रणायामस्वस्थशरीरकेलिएनितांतजरूरीहै।योगनेहमेंगठियाजैसेबीमारीवउससेहोनेवालेअसहनीयदर्दसेछुटकारादियाहै।सभीकोयोगवप्रणायामकोअपनेजिंदगीमेंजरूरशामिलकरनाचाहिए।बच्‍चोंकोशुरूसेहीयोगकाप्रशिक्षणमिलनाचाहिएताकिआनेवालेदौरमेंउन्हेंबीमारियोंसेलड़नेवनिजातपानेमेंमददमिलसके।

बिनापैसेकीदवाहैयोग

योगाचार्यडा.राघवेंद्रप्रतापरमननेकहाकिबिनापैसेकीदवाहैयोग।योगसेशरीरकोरोगरहितबनायाजासकताहै।पुरानेसमयसेहीलोगयोगवकसरतकीमहत्तासमझतेथे।उनकीदिनचर्यासंयमितथीजिससेलोगरोगरहितरहतेथेऔरलंबेसमयतकजीवितरहतेथे।नियमितयोगवप्रणायामसेबड़ीसेबड़ीबीमारियोंपरकाबूपायाजासकताहै।सभीकोयोगकेप्रतिजागरूकहोनाचाहिएजिससेस्वस्थसमाजकानिर्माणकियाजासके।