यहां कम वोट प्रतिशत से उलझा गणित, हर दल कर रहा जीत का दावा

इलाहाबाद।सूबेमेंइलाहाबादकीक्याअहमियतहैइसकाजिक्रबीतेदिनोंचुनावप्रचारमेंदिखाईदियाथा,जबप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीसेलेकरमायावतीतकयहांपहुंचे।बड़ेनेताओंनेयहांडेराडाला।आखिरीदिनअमितशाहऔरअखिलेश-राहुलनेरोडशोकरइलाहाबादजीतनेकेलियेपूरीताकतझोंकदी।इनसबकेबादजोसबसेचिंताजनकविषयरहावहयहकिकमवोटप्रतिशतनेसियासीगणितकोउलझादिया।यहांहरदलसीटजीतनेऔरसरकारबनानेकादावाजरूरकररहाहैलेकिनडरसबकेजेहनमेंएकजैसाहै।

इलाहाबादमेंमतदानकेबादक्याहैसूरते-हाल

सपाकोअपनीसीटेंबचानेकीचिंताहैतोभाजपाकोखाताखोलनेकीचिंताहै,वहींबसपाकोकुनबाबढ़ानेकीचिंताठीकउसीतरहहैजैसेराहुलगांधीकीसाखइसचुनावमेंलगीहुईहै।बातइलाहाबादकीकरेंतोहमेशासेचर्चामेंरहनेवालेइसशहरकारूखविधानसभाचुनावमेंकुछठीकनहींरहा।इलाहाबादकीसभी12सीटोंपरवोटरोंनेमतदानतोकियालेकिनउतनानहींजितनीकीउम्मीदकीजारहीथी।वोटरोंकेबैकफुटपरमतदानकेरुखनेसियासतकेबड़ेपंडितोंकासिरभीचकरागयाहै।आखिरवहभविष्यवाणीकरेंतोकैसेकरें।

इसेभीपढ़ें:-इलाहाबाद:आखिरक्योंहैशहरउत्तरीमेंसबसेज्यादाप्रत्याशी?पढ़िएजातिगतआंकड़ा