यह कैसा अस्पताल, दवा- पर्ची सब चपरासी के हवाले

जागरणसंवाददाता,बस्ती:जिलास्तरीयहोम्योपैथिकअस्पतालगुमनामीसेउबरनहींपायाहै।जिलाअस्पतालपरिसरस्थितदोकमरोंकेभवनमेंसंचालितइसहोम्योपैथिकअस्पतालकीपहचानआसानीसेनहींकीजासकतीहै।बोर्डमुख्यसड़कसेदूरलगायागयाहै।इनदिनोंतोकोविड-19कीआड़मेंअस्पतालकामुख्यद्वारहीबंदकरदियागयाहै।खिड़कियोंसेपरामर्शऔरदवावितरितकीजारहीहै।चिकित्सकतोयदाकदाहीमिलतेहैं।पूराअस्पतालफार्मासिस्टकेभरोसेहै।दवाऔरपर्चीकाउंटरचतुर्थश्रेणीकर्मचारियोंकेहवालेहैं।जनपदमेंहोम्योपैथिककेकुल20अस्पतालहैं।यहांचिकित्सकएवंस्टाफकीतैनातीकेसाथदवाएंभीउपलब्धहैं।लेकिनजिम्मेदारोंकीसुस्तीकेचलतेआमजनमेंयहअस्पतालअपनीछापनहींछोड़पारहेहैं।बुधवारकोजिलाहोम्योपैथिकअस्पतालकीपड़तालमेंहाल-ए-सचउजागरहुआ।प्रस्तुतहैरिपोर्ट-चिकित्सककीकुर्सीखाली,बैठेमिलेफार्मासिस्ट

अस्पतालकेप्रवेशद्वारकाचैनलबंदमिला।मरीजोंकोपर्चीबनवानेकेलिएकेवलएकखिड़कीखुलीथी।यहींसेदवाभीवितरितहोरहाथा।दिनमें12.30बजेतककुल25मरीजपहुंचेथे।जिनकीसमस्याखिड़कियोंसेसुनकरफार्मासिस्टउमेशचंद्रत्रिपाठीदवालिखरहेथे।खिड़कीसेदवालेकरमरीजलौटजारहेथे।मेडिकलअफसरकेरूपमेंतैनातडा.जवाहरलालवर्माकीकुर्सीखालीथी।बतायागयाकिसाहबदोदिनकेअवकाशपरहै।दोचतुर्थश्रेणीकर्मचारीमौजूदमिले।एकफार्मासिस्टकेसहयोगमेंऔरदूसरेनेपर्चीकाटनेऔरदवावितरणकाजिम्मासंभालरखाथा।संसाधनकादिखाअभावइसअस्पतालमेंदवाओंकोरखनेकेलिएपर्याप्तआलमारियांभीनहींहै।पांचआलमारीकीआवश्यकतायहांअभीभीमहसूसकीजारहीहै।भवनभीपर्याप्तनहींहै।महजदोकमरोंमेंअस्पतालसंचालितहोरहाहै।एककक्षमेंदवाकाभंडारणऔरदूसराचिकित्सीयस्टाफकेलिएआरक्षितहै।तीनसालसेरिक्तहैप्रभारी

इसअस्पतालकेप्रभारीकापदतीनसालसेरिक्तहै।वहींदोमेडिकलअफसरकीजगहकेवलएकहीतैनातीहै।जिससेसंबंधितकेऊपरहीप्रभारीकाभीदायित्वहै।घटगईमरीजोंकीसंख्या

इसअस्पतालमेंआनेवालेमरीजोंकीसंख्याभीप्रभावितहोगईहै।कोरोनाकालसेपहलेप्रतिमाह1500मरीजोंकीआवकथी।वर्तमानमेंयहसंख्याघटकरप्रतिमाहछहसेसातसौहोगईहै।कोविड-19केनातेमरीजोंकीआवककमहोगईहै।खिड़कियोंसेउनकीसमस्यासुनकरपरामर्शएवंदवाएंदीजारहीहै।उपलब्धसंसाधनमेंबेहतरइलाजकाप्रयासकियाजाताहै।

उमेशचंद्रत्रिपाठी,फार्मासिस्ट/प्रभारी,जिलाहोम्योपैथिकअस्पताल