ये हौसलों की उड़ान है; इंदौर से 15 किलोमीटर दूर 4 गांव के 50 से ज्यादा बच्चे सैनिक बनने के सपने गढ़ रहे

शहरसे15किमीदूरबिचौलीहप्सीकेसिटीफॉरेस्टगार्डनमेंचार-पांचगांवके40से50बच्चेसैनिकबननेकेसपनेगढ़रहेहैं।इनबच्चोंनेशहरकेकुछफिटनेसप्रेमियोंकोदेखते-देखतेखुदकीजिंदगीकोबदलनेकीराहपकड़ली।इसकीशुरुआतकोरोनाकीदूसरीलहरकेदौरानउसवक्तहुईजबफिटनेसप्रेमीशहरमेंमैदानबंदहोनेसेव्यायामकेलिएसिटीफॉरेस्टगार्डनपहुंचे।

शुरुआतमेंदो-चारबच्चेएकेडमीऑफइंदौरमैराथनर्स(एआईएम)केसदस्योंकोदौड़ते,व्यायामकरतेदेखनेआतेथे।धीरे-धीरेआसपासकेगांवहरनाबदली,अम्बामोलिया,बढ़ियाकीमाकेबच्चेआनेलगे।इनलोगोंनेइन्हेंदौड़,व्यायाममेंशामिलकियाऔरनाश्तेकेसाथकभी-कभारइनामदिएतोलालचमेंबच्चोंकीसंख्याबढ़नेलगी।8से17सालकेइनबच्चोंमेंकरीब65%लड़कियांहैं।मैराथनकाअभ्यासकरते-करतेअबयेबच्चेआर्मीमेंजानाचाहतेहैं।

बच्चोंमेंसमर्पणऐसाकिज्यादातररोजगार्डनआतेहैं,3मैराथनमेंशामिलहोचुके

एआईएमकेमुकेशखंडेलवालबतातेहैंकिरोजसुबह6से8बजेतकबच्चेरनिंगकरतेहैं।परीक्षाकेचलतेभलेकुछबच्चेआनेमेंचूकजाएं,लेकिनरविवारकोसभीमौजूदरहतेहैं।8सालकामोहिततो10किमीमैराथनभीकरचुकाहै।इनकाउत्साहकोबढ़ानेकेलिएहमतीनमैराथनकरचुकेहैं।इनमेंभागलेनेवालेबच्चोंकोटीशर्टऔरनाश्ताभीदियागया।नियमितगार्डनजानेवालोंमेंडॉ.अरुणअग्रवाल,विजयसोहनी,नीरजयाग्निक,सुरेशलाहोटीआदिशामिलहैं।

मैंक्रिकेटरबननाचाहताहूंयाआर्मीजॉइनकरनाचाहताहूं।जबसेफॉरेस्टगार्डनजानाशुरूकियातबसेमैंरनिंगकरनेलगाहूं।आर्मीमेंभर्तीकेलिएरनिंगजरूरीहै।मैंइसकेलिएपढाईभीकररहाहूं।-पीयूषसिंहचौहान,16साल,बढ़ियाकीमा