व्यस्त दिचचार्या के बावजूद शास्त्रीय संगीत को संजो रहे हैं कृपासागर

संवादसहयोगी,जमालपुर(मुंगेर):एकसमयथाजबशास्त्रीयसंगीतकीचर्चामेंबक्सर,गया,पटना,दरभंगाऔरमुंगेरघरानाकानामआयाकरताथा।लेकिनसमयकेसाथयुवापीढ़ीनेइससेदूरीबनालीहै।ऐसेमेंआजरेलजिलाजमालापुरमेंकार्यरतइंस्पेक्टरकृपासागरअपनीव्यस्ततमदिचचर्याकेबादभीशास्त्रीयसंगीतकीविधाकोसंजोनेकाकामकररहेहैं।वेइसविधाकेप्रतियुवाओंमेंरुचिजगानेकाभीप्रयासकररहेहैं।1994बैचकेइंस्पेक्टरकृपासागरअपनीड्यूटीसमाप्तकरतेहीशास्त्रीयसंगीतमेंडूबजातेहैं।इनकीअंगुलियांहारमोनियमपरचलतीदेखलोगमुग्धहोजातेहैं।आजवहकईलोगोंकोइसविधाकागुरसीखाचुकेहैं।

पितासेविरासतमेंमिलीहैकलाकृपासागरकोसंगीतविरासतमेंमिलीहै।इन्हेंशास्त्रीयसंगीतकीप्रेरणापिताराजेंद्रप्रसादयादवमहंतसेमिलीथी।हालांकिपुलिसमेंनौकरीलगनेकेबादकुछदिनोंकेलिएउन्होंनेसंगीतसेदूरीबनाली।लेकिन2007केबादजबनौकरीमेंदक्षहोगएतोइंस्पेक्टरकृपासागरनेफिरसेसंगीतकीओरअपनारूखकिया।आज15अगस्त,26जनवरीजैसेराष्ट्रीयपर्वकेअलावाप्रशासनिककार्यक्रमोंमेंजबकृपासागरसंगीतकीप्रस्तुतिदेतेहैंतोविभागकेवरीयअधिकरीभीमुग्धहोजातेहैं।

श्रुतिकलाकुंजनामकसंगीतप्लेटफॉर्मकियातैयार2015मेंइसीकारवांकोआगेबढ़ातेहुएकृपासागरनेश्रुतिकलाकुंजनामकसंगीतकाएकप्लेटफॉर्मलौहनगरीमेंस्थापितकिया।यहांवहगीतसंगीतकादीपजलाकरदर्जनोंसंगीतप्रेमियोंकोगीत,गजल,भजनकेअलावाफिल्मीऔरशास्त्रीयसंगीतकीविधाओंमेंयुवाओंकोदक्षकरनेलगे।हंसपुरीहसनगंजघरानाकेलालइंस्पेक्टरकृपासागररेलजिलामेंविधिव्यवस्थाकेसाथअपराधनियंत्रणकीदिशामेंभीसराहनीयकार्यकररहेहैं।

अबखबरोंकेसाथपायेंजॉबअलर्ट,जोक्स,शायरी,रेडियोऔरअन्यसर्विस,डाउनलोडकरेंजागरणएप