वृद्धजनों के आशीष से मिलती है सफलता

मैनपुरी,भोगांव:बुजुर्गोंकेसम्मानसेहीव्यक्तिलक्ष्यप्राप्तकरसकतेहैं।वृद्धोंकोउचितसत्कारऔरसम्मानमिलनेसेउनकीआत्मावमनसेसदैवशुभाशीषप्राप्तहोताहै।घरमेंबुजुर्गोंकोसम्मानवउनकाउचितआतिथ्यकरनेसेबच्चोंमेंभीअच्छेसंस्कारआतेहैं।

येबातेंरविवारकोराजेंद्रप्रसादअवस्थीनेपं.दीनदयालउपाध्यायराजकीयआश्रमपद्धतिविद्यालयमेंआयोजितवृद्धजनदिवसकेमौकेपरकहीं।कहाकिवर्तमानपरिवेशमेंलोगआधुनिकताकीदौड़मेंअपनेबुजुर्गोंकासम्मानकरनाभूलतेजारहेहैं।जिसकेपरिणामस्वरूपवृद्धमाता-पिता,दादा-दादी,नाना-नानीआदिवृद्धजनअपनेकोउपेक्षितमहसूसकरनेलगेहैं।वृद्धोंकेजीवनमेंनीरसताकाभावपैदाहोताजारहाहै।विशिष्टअतिथिवृंदावनकेमहात्मागिरिराजगिरिनेवृद्धोंकीहोरहीउपेक्षापर¨चताव्यक्तकरतेहुएकहाकिआजघरोंमेंवृद्धोंकेलिएकोईस्थाननहींरहगयाहै।पाश्चात्यसंस्कारलोगोंपरहावीहोरहेहैं।इसकारणलोगवृद्धोंकोवृद्धाआश्रममेंछोड़आतेहैं।विद्यालयअधीक्षकज्ञानेंद्र¨सहभदौरियानेछात्रोंकोदादा-दादी,नाना-नानीकीशिक्षाप्रदकहानियांसुनाकरमाता-पिताएवंबुजुर्गोंकासम्मानकरनेकीसीखदी।इसमौकेपरमहेशचंद्र,उमादेवी,प्रधानाचार्यअश्वनीकुमार,प्रवक्ताबीरी¨सह,सरितामिश्रा,प्रमोदकुमार,प्रियंका,प्रमोदअवस्थीमौजूदरहे।