वक्त ही नहीं, गांव भी ले रहा प्रवासियों की परीक्षा

अयोध्या:प्रवासियोंकीपरीक्षासिर्फवक्तहीनहीं,बल्किगांवभीलेरहाहै।प्रवासीश्रमिकगांवपहुंचेभीतोभीपरिवारसेअलगहैं।खेतमें।खुलेआसमानकेनीचेसमयबितारहेहैं।परिवारकेलोगवहींभोजनपानीउपलब्धकरादेतेहैं।खेतमेंहीनित्यक्रियापूरीकरनीपड़तीहै।वजह,घरकेनामपरसिर्फछप्परहै,जिसमेंपरिवारकेबाकीसदस्यरहतेहैं।येदर्दउनप्रवासियोंकाहै,जिन्होंनेकोलकातासेघरतककासफरसाइकिलसेतयकिया।इसउम्मीदकेसाथहीकिकमसेकमगांवपहुंचकरसुरक्षिततोहोजाएंगे।

हैदरगंजसंवादसूत्रकेमुताबिकविकासखंडतारुनकीग्रामपंचायतजानाबाजार,उमापुर,कैथवलिया,मयनदीपुर,पंडितकापुरवासहितअन्यगांवोंमेंबड़ीसंख्यामेंप्रवासीश्रमिकआएहैं।साइकिलसेचलकर24मईकोगांवपहुंचेसीतारामवरोशननेबतायाकिउनकेपाससिर्फघरकेनामपरसिर्फछप्परहै,जिसमेंबच्चेवमहिलाएंरहतीहैं।इसलिएघरमेंनहींरहसकते।मजबूरीमेंगांवसेदूरबागमेंहीउन्हेंक्वारंटाइनकीअवधिबितानीपड़रहीहै।उमापुर,कैथवलियाकेहीघनश्याम,भवानीफेर,अंकुर,रामलाल,विजयकुमार,पुत्तीलालकादर्दभीयहीहै।बागमेंखुलेआसमानकेनीचेसमयबितारहेहैं।अबतककिसीनेइनकाहालचालभीनहींलियाहै,जबकिग्रामनिगरानीसमितिकेसदस्यभीइनसेदूरीबनाएहुएहैं।लॉकडाउनहुआतोपहलेकिसीभीतरहगांवपहुंचनेकीजद्दोजहदसेगुजरनापड़ाऔरअबकामभीनहींहै।चितायहहैकिकामनहींहोगातोजरूरीआवश्यकताओंकीपूर्तिकेलिएधनकहांसेआएगा।जिलेमेंलौटेतमामप्रवासियोंकोइसीदर्दसेगुजरनापड़रहाहै।परिवार,रिश्ते-नातेऔरदोस्त,जोपहलेगांवआनेपरगलेलगालेतेथे,अबवेदूरीबनाएहैं।