विंदेश्वरी मंदिर, जहां 30 साल से है अनुसूचित जाति की महिला पुजारी, सर्वसमाज को एकजुटता की डोर में है बांधे

मोहम्मदशफीक,महोबा।ज्यादातरमंदिरोंमेंपुजारीकाकामपुरुषहीदेखतेहैं,लेकिनचरखारीस्थितदेवीमंदिरमेंइससेइतरव्यवस्थाहै।यहांकरीब150सालपुरानेविंदेश्वरी(विंध्यवासिनी)मंदिरमेंपूजनकाकामअनुसूचितजातिकीमहिलापुजारीपार्वतीदेखरहींहैं।मंदिरउनकेससुरालपक्षकेपूर्वजोंनेबनवायाथा।उनसेपहलेमंदिरमेंपूजनकाकामउनकेससुरकेजिम्मेथा।फिलहाल,30सालसेपार्वतीहीयहांपूजनकाजिम्मासंभालेहुएहैं।सर्वसमाजकेलोगमंदिरमेंपूजा-अर्चनाकरनेपहुंचतेहैं।

विंदेश्वरीमातामंदिरअनुसूचितजातिकेपरिवारनेबनवायाथा।पुजारीपार्वतीबतातीहैंकिमंदिरकीस्थापनाकेपीछेमकसदसर्वसमाजकोजोड़नाथा।उनकामायकाबांदामेंहै।करीब40सालपहलेउनकीशादीकस्बाकेसुरेशकेसाथहुईथी।शादीकेसमयससुरसुखलालमंदिरकीपूजाव्यवस्थासंभालतेथे।उनकानिधनहोनेपरपरिवारसेइतरव्यक्तिकोपुजारीनियुक्तकियागयाथा।इसदौरानवहस्वयंभीबीमारहोगईं।ससुरालकेलोगउन्हेंदेवीमंदिरलेगए।स्वस्थहोनेपरअपनीअंतरात्माकीआवाजपरउन्होंनेमंदिरमेंपूजनकाकामसंभाललिया।

परिवारसेमिलासहयोग

पार्वतीकहतीहैंकिउनकेपतिऔरस्वजनकाउन्हेंइसकाममेंभरपूरसहयोगमिला।उनकेपतिकिरानाकीदुकानसंभालतेहैं।बड़ाबेटाजीतेंद्र2011मेंपुलिसमेंभर्तीहोगयाथा।दूसराबेटाभूपेंद्रअभीपढ़ाईकररहाहै।

हरसोमवारकोलगतादरबार

पूरेसालहरसोमवारकोमंदिरमेंमाताकादरबारलगताहै।इसमेंदूसरेजिलेकेलोगभीमन्नतमांगनेऔरचढ़ावाचढ़ानेपहुंचतेहैं।नवरात्रकेदौरानविशेषभीड़रहतीहै।इसबारकोरोनाकेकारणश्रद्धालुओंकीसंख्याकमरही।

क्याकहतेहैंलोग

स्थानीयनिवासीइमामीलश्गरीनेकहाकिपरिवारमेंकोईशादी-विवाहमुंडनकार्यक्रमहोताहैतोविंदेश्वरीमंदिरमेंपूजनकोआतेहैं,क्षेत्रकेलोगोंकीआस्थाइसमंदिरसेजुड़ीहै।