वीरभद्र सिंह बोले, चेहरा तो बदला पर फौज पुरानी, बदलने की जरूरत

शिमला,नवनीतशर्मा।छाेटीउम्रमेंलोकसभाजाकरसीधेकेंद्रकी राजनीतिसेसफरशुरूकरनेवालेवीरभद्र सिंहप्रचारमेंडटेहुएहैं।उम्रदराजहोगए हैंलेकिनआंखोंमेंअबभीचमकहै।अपने आपकोपार्टीकीफौजमेंपहलीपंक्तिपर खड़ाबतानेवालेवीरभद्र्रसिंहनेराजनीति मेंकईउतारचढ़ावभीदेखे।उन्हेंसंतोष इसबातकाहैकिपार्टीकेप्रतिवफादारी औरसिद्धांतनहींछोड़े।पार्टीमेंअपनोंनेही मनमानीभीकीलेकिनजोकहा,उसपर अडिगरहे।इंदिरागांधीकेसाथसंसदमें कामकियातोएनडीतिवारीकोप्रशिक्षक भीमानतेहैं।सुखरामहोंयाफिरसुक्खू, जब-जबदुखमिला,उसेखुलकरकहा। प्रचारकीगहमागहमीकेबीचपूर्वमुख्यमंत्री वीरभद्र्रसिंहसेदैनिकजागरणकेलिए राज्यसंपादकनवनीतशर्माकीबातचीत केकुछअंश....

अबतोआपकोलगता होगाकिप्रदेशकांग्रेससुरक्षित हाथोंमेंहै?

-(हंसतेहुए)ऐसाहै...गाड़ीचाहे नईक्योंनहो,चालकअनाड़ीहोगा तोहादसेकीआशंकाबनीरहतीहै। हमारेकईबहुतअच्छेप्रदेशाध्यक्षरहे। लेकिनकुछनेपार्टीमेंऐसीखलबली मचाईकिपूछिएमत।सुक्खू...!मेरा उनसेकोईद्वेषनहींहै,लेकिनउन्होंने कांग्रेसपार्टीकादुरुपयोगकिया।घर बैठेपदाधिकारियोंकोपदसौंपदिए, जिनकापार्टीमेंकोईयोगदाननहींथा। अपनीदोस्तीनिभानेकेलिएउन्होंनेपद बांटदिए।वहपार्टीविरोधीतोनहींहैं, लेकिनउनकानजरियासहीनहींहै।हां अबमुखियानएहैं,लेकिनफौजअभी भीपुरानीहै,जिसेबदलनेकीजरूरत है।अबभीमुझेचेहराबेशककुलदीप राठौरकादिखताहैलेकिनबाकीपुराना हिसाबदिखताहै।...लेकिनकुलदीप कामयाबहोंगे,ऐसाविश्वासहै।

इसचुनावकोकिस नजरियेसेदेखतेहैंआप?

-अभीतोचुनावीशुरुआतहुईहै। धीरे-धीरेप्रचारकेरंगऔरनिखरेंगे। प्रदेशकेसभीसंसदीयक्षेत्रोंकादौरा कियागयाहै।अभीकुछक्षेत्रबचे हैं,जहांकादौराकियाजाएगा।पार्टी एकजुटताकेसाथप्रदेशमेंआगेबढ़े इसलिएमैंअपनीपार्टीकीफौजके सिपाहीकेरूपमेंहमेशापहलीपंक्ति मेंखड़ाहूं।

आपदशकोंसेराजनीतिमें हैं,अबऔरतबकीराजनीतिमें क्याअंतरआयाहै?

-पहलेपार्टीकेपदाधिकारियोंमेंजोशहोताथा।जीतकेलिएजुनून होताथा।उसजोशमेंकमीआईहै। किसीभीपार्टीकीकामयाबीकेलिए उसकेनेतृत्वकाकाबिलहोनाबड़ी बातहै।जबआपकेपासदिलसेकाम करनेवालेकार्यकर्तानहींहोगे,केवल कुर्सीकोचाहनेवालेहोंगेसफल नहींहोसकतेहैं।किसीपरकीचड़ उछालनासहीनहींहै।मैंनेकभीभी किसीकेखिलाफअसभ्यभाषाका प्रयोगनहींकियाहै।आदमीकोहमेशा अपनेअसूलोंपरटिकेरहनाचाहिए औरइसीराहपरमैंहूं।पहलेचुनाव मेंभीशालीनताहोतीथी,सद्भावभी होताथा,अबभाषाहीनहीं,नेताओंके आचरणभीबदलेहैं।

आपनेकहाथाकिजो प्रत्याशीमुझेपसंदहो,उसीका प्रचारकरूंगा..।अपनीपसंद बताएंगे?

-जोप्रत्याशीहमारीपार्टीनेचुने हैं,समझलेंकिवेमेरेहीप्रत्याशीहैं। सबकेलिएप्रचारकरूंगा,कररहाहूं। यहमेराफर्जहै।

लोकसभाचुनावकामुद्दा क्याहै?

-मुस्करातेहुए...सीधीसीबातहै, यहचुनावमोदीबनामअन्यहै।मोदी जीकोअच्छेसेजानताहूं।जबमैं केंद्रीयमंत्रीथा,गुजरातजानाहोता था।पूरामानसम्मानदेतेरहेहैंमुझे।चिंताजनक यहहैकिइसदौरमेंनई किस्मकीराजनीतिशुरूहोचुकीहै। बांटनेकीराजनीति,चरित्रहननकी राजनीति।भाजपाजातिधर्मकेनाम परलोगोंकोबांटरहीहै।

आपबेहदसख्तभीहैं लेकिनबहुतहीविनम्रभी... भावुकभीहैं...क्यापंडित सुखरामकोमाफकरदिया?

-(भृकुटितानकरसामान्यहोते हुए...)मैंमाफकरदेताहूंसबको...। होगईबात।पार्टीकेलिएकामकरना हैबस।वैसेपहलीबारलोकसभा कासदस्यबनाथा।प्रदेशमेंआने कामननहींथा।ठाकुरकर्मसिंहव सुखरामनेमेरासमर्थनकियाऔरमैं प्रदेशकीराजनीतिमेंआया।सुखराम मेरेखिलाफचलतेरहे।फिरकांग्रेस कोछोड़अपनीपार्टीबनाई,डूबोई भी।भाजपामेंगएतोअबकांग्रेसमें आए।ऐसाकरनाउन्हेंशोभानहींदेता है।(ठहाकालगातेहुए)लेकिनयह अच्छाहैकिवहघाट-घाटकीसैर करकेवापसआगए।पहलेतोबहुत भटकेहैंइधर-उधर।

शांताकुमारनेआपकी बहुततारीफकीहै।कहाकि वहऔरसिद्धांतकीपार्टीसे हैं..।

-हंसतेहुए...शांताकुमारनेठीक कहाहै।वहकहींनहींगएनमैं।जिस वफादारीसेपार्टीमेंआयाथा,उसी वफादारीसेआजभीकामकररहाहूं। शांताकुमारकीतरहपार्टीकेलिएपूरी वफादारीसेकामकियाऔरपार्टीको नैतिकताकेआधारपरआगेबढ़ाया है।दलोंमेंविचारोंकीलड़ाईहोतीहै, लेकिनयहलड़ाईआदरकीभावनासेहोनीचाहिए।

वर्तमानसरकारऔर मुख्यमंत्रीजयरामठाकुरकेबारे मेंक्याकहेंगेआप?

-जयरामठाकुरमुख्यमंत्रीनएहैंभले हीकाफीपुरानेऔरलगातारजीतने वालेविधायकहैं।शरीफहैं।धीरे-धीरे सीखरहेहैं,सीखभीजाएंगे।नेताओं काकुछकहनाजरूरीहैलेकिनउसे अमलीजामाभीपहनायाजानाजरूरी है।यहतोहुईसीएमकीबात।सरकार नेऐसाकोईकामसवासालमेंनहीं कियाहैकिहमकहेंकिमहानकाम होगया।(हंसतेहुए)सरकारको कामकरकेदिखानेहोंगे,ऐसेतोबिना मुख्यमंत्रीकेभीसरकारचलसकतीहै।

प्रदेशमेंआजदिनतक रहेकिनमुख्यमंत्रियोंसेज्यादा प्रभावितहैं?

-प्रदेशकीपरिकल्पनाडॉ.वाईएस परमारनेकीथी।औरवहहीहिमाचल केसच्चेनिर्माताहैं।वहपक्केकांग्रेसी थे।मैंडॉ.वाईएसपरमारसेज्यादा प्रभावितहूं।जबकिपूर्वमुख्यमंत्री प्रेमकुमारधूमलनेहमेशामुझेघेरा है।उनकाएकहीलक्ष्यरहाकिकैसे वीरभद्र्रसिंहकोउलझायाऔरफंसाया जाए।जबभीमिलेदुर्भावनासेमिले, सद्भावसेनहीं।राजनीतिमेंविरोधीदल केनेताओंकोविदेशीहाथनहींसमझना चाहिए।शालीनतारहनीचाहिए। जयरामठाकुरबुरेनहीं।मेहनतीहैं लेकिनउनकेआसपाससलाहेंदेने वालेलोगठीकनहीं।

राष्ट्रस्तरपरमोदीवअन्य कीतुलनाआपकीनजरमें?

-मेरीराजनीतिआरंभहीकेंद्रसे हुईथी।कईबड़ीजिम्मेदारियांबतौर उपमंत्री,राज्यमंत्रीऔरफिरकैबिनेट मंत्रीकेतौरनिभाईं।तत्कालीनकेंद्रीय मंत्रीएनडीतिवारीमेरेलिएपितातुल्य थे।(भावुकहोतेहुए...)उन्होंनेमुझे संसदऔरमंत्रालयकाकामसिखाया। गुजरातजानाहुआतोमोदीकोजानने कामौकाभीमिला।लेकिनयहदूसरा रूपडरानेवाला,मैंनेनहींदेखाथा। मेरेदिलमेंमोदीकेलिएआदररहा है,लेकिनमेरीउन्हेंसलाहहैकिवह अभिमाननकरें।

वर्तमानराजनीतिकराष्ट्रीय परिदृश्यकोकिसनजरिएसे देखतेहैं?

-महात्मागांधीनेकांग्रेसकीस्थापना की।नैतिकताकेआधारपरकामहो, इसदिशामेंकदमभीउठाए।इसकेबाद पंडितनेहरूनेदेशकोसाइंटिफिकटेंपर दिया।आजदेशअनाजकेमामलेमें आत्मनिर्भरबनाहै।पुरानेसमयमेंमंत्री शानमेंनहींबल्किलोगोंसेजुड़ावमेंरहतेथे।लेकिनअबबदलेराजनीतिक परिवेशमेंबदलावभीहुआहै।हां, इंदिरागांधीदेशकीसशक्तप्रधानमंत्री रहीथीं,जिन्होंनेदेशकेविकासको एकनईदिशादी।

जाहिरहै,परिवारकेये गुणराहुलगांधीमेंआएही होंगे...आपक्याकहतेहैं?

-पिताकेनाना,दादी,औरपिता राजनीतिज्ञरहेहैं।ऐसेमेंराजनीति केगुणतोउनमेंपहलेसेहीहैं।राहुल पहलेपूरीतरहसेपरिपक्वनहींथे। इधरदेखरहाहूंकिवहअच्छेवक्ता बनरहेहैं।पहलेउन्हेंसलाहकारचलाते थेलेकिनअबउनकासबपरनियंत्रण है।वहपुरानेराहुलनहींहैं,वहएक होनहारयुवाराजनीतिज्ञबनचुकेहैं।

आपपहाड़ीसंस्कृतिसे नए-नएशब्दनिकालतेहैं औरजनसभाओंमेंप्रयोग करतेहैं।ऐसाहीएकशब्दहै मकरझंडू..।जिनकेलिएप्रयोग करतेहैं,उनकेबारेमेंनभी बताए,इसशब्दकेबारेमें अवश्यबताएं।

-(ठहाकालगातेहुए...)देखिए। पहाड़मेंयहएकशब्दहोताहै।पहाड़ी शैलीमेंजबमकानबनतेहैं,तोछत केदोनोंहिस्सेजहांजुड़तेहैं,वहां एकलंबासाफट्टाजैसारखाजाता है।उसकेदोमुंहहोतेहैं।दोनोंओर

मगरमच्छकीआकृतिहोतीहै।वह फट्टाआजीवनपसरारहताहैराजनीति मेंइसकाअर्थऐसेलोगोंकेलिएहैजो किसीकामकेनहीं।

सख्तप्रशासकथीइंदिरा सोनहींपातेथेमंत्री

मंत्रियोंकीहालतयहथीकिवे सोनहींपातेथे।संसदमेंइंदिरा जीनेमौजूदरहनाथा।प्रश्नकाल था।एनडीतिवारीजीनेपहलेही कहदियाथाकितैयारीकरलेना, जवाबआपकोदेनेहैं।अगलेदिन जैसेहीसंसदमेंखड़ाहुआ,भरीहुई लोकसभाकोदेखकरटांगेंकांपगईं। फिरपूरेसंयमकेसाथजवाबदिया। फिरतिवारीजीनेमेरीहीड्यूटीलगा दी।तालियांभीखूबपड़तीथीं।एक दिनअचानकशामकोइंदिराजीने बुलायाऔरकहा,हिमाचलजाकर मुख्यमंत्रीकीकुर्सीसंभालो।मैंने बेहदसंकोचकेसाथकहा,‘क्या मुझसेकोईगलतीहोगईहैमैडम?’ उन्होंनेहंसतेहुएजवाबदिया,‘नहीं, जाओ।पर्यावरणकोसंभालो।हमसे वहांवनमाफियानहींसंभलरहा।’