वीर खेरे वाली माता मंदिर

फीरोजाबाद:सुहागनगरसेक्टरएकमेंमुख्यमार्गपरस्थितदुखहरिणीवीरखेरेवालीमाताकीख्यातिदूर-दूरतकहै।नवरात्रिकेदिनोंमेंसुबहपूजनवशामकोमहाआरतीमेंभक्तोंकीअपारभीड़जुटतीहै।इसप्राचीनमंदिरमेंटूंडला,आगरा,शिकोहाबादसमेतयमुनापट्टीकेगांवोंकेश्रद्धालुपूजनवमन्नतमांगनेआतेहैं।

मंदिरकीस्थापनाकोलेकरकईतरहकीकिवदंतियांहैं।मंदिरकेमहंतऔरआसपासकेभक्तोंकीमानेंतोमंदिरसैकड़ोंसालपुरानाहै।यहांमहाभारतकालवआल्हा-ऊदलकेसमयमेंखेराथा।इसकीखुदाईकरतेसमयमांकीएकछोटीशिलाप्रकटहुईथी।खेरेकेआसपासचौधरीकेसरी¨सहकीजमीनपरखेतीहोतीथी।शिलानिकलनेकेबादयहांमंदिरकीस्थापनाकीगईऔरकेसरी¨सहनेअपनीकुछजमीनभीइसपरिसरकेलिएदानकरदी।कईबारमंदिरकाजीर्णोद्वारभीकराया।कहाजाताहैयहांअक्सरआल्हा-ऊदलभीकन्नौजसेमहोबाआतेजातेसमयपूजाकरनेआतेथे।इसकेबादयहांविभिन्नदेवीदेवताओंकी27मूर्तियोंकीस्थापनाकीगई।

मंदिरकीबनावटउत्तरभारतीयमंदिरोंकीशैलीपरआधारितहै।मुख्यगेटकेठीकसामनेखेरेवालीमाता,संतोषीमातावशीतलामाताविराजमानहै।उत्तरीछोरपरपंचमुखीहनुमानवरामदरबारकीस्थापनाकीगईहै।पंचमुखीहनुमानकीस्थापनापूर्वांचलकेएकभक्तडॉ.एएलशाहीकेप्रयासोंसेहुईथी।मंदिरकेपीछेपूर्वमहंतस्वर्गीयरामरतनदासकीसमाधिभीबनीहुईहै।गर्भगृहमेंएकगुफाभीबनीहुईहै।

नवरात्रिमेंयहांसप्तमीसेलेकरनवमीतकभक्तोंद्वाराकन्याभोजवभंडारेकाआयोजनकियाजाताहै।मनोकामनापूरीहोनेपरश्रद्धालुनवमीवदशमीकोनेजातथाघंटेचढ़ानेआतेहैं।बाहरीजिलोंसेआनेवालेभक्तभीचैत्रवशारदीयनवरात्रिमेंधार्मिकअनुष्ठानोंकाआयोजनकरतेहैं।

'खेरेवालीमातासिद्धपीठहैं।यहांविराजमानपंचमुखीहनुमानभीसिद्धहैं।भक्तजोमनोकामनामांगतेहैं,वहपूरीहोतीहै।इसमंदिरमेंलोगोंकीआस्थाबहुतहै।नवरात्रिकेअलावाअन्यदिनोंमेंनियमितपूजनकरनेआतेहैं।कईभक्तोंकोरोग,द्वेषवक्लेशसेमुक्तिमिलीहै।'

-श्यामसुंदरदासत्यागी

'करीब25सालसेमंदिरकीपूजावसेवाकररहाहूं।मांकीअटूटकृपासेउनकेकिसीकार्यमेंपरेशानीनहींहुई।वहतथाउनकापूरापरिवारतीनपीढि़योंसेइसमंदिरमेंपूजाकरनेआतेहैं।'