विदेशी मेहमानों के कलरव से बढ़ी पतौड़ा झील की रौनक

उधवा(साहिबगंज):पतौड़ाझीलविदेशीमेहमानोंकेकलरवसेएकबारफिरगुलजारहोगयाहै।हजारोंमीलकासफरकरसुदूरवर्तीएशियातथासाइवेरियाकेदुर्गमठंडप्रदेशोंसेप्रवासकाइतिहासदुहरातेहुएपरिंदेअपनेपरंपरागतआशियानेमेंसुकूनकीजिंदगीबितानेआगएहैं।उधवाझीलसूबेकाइकलौतापक्षीआश्रयणीहै।इसे1991मेंपक्षीआश्रयणीघोषितकियागयाथा।

565हेक्टेयरक्षेत्रमेंफैलापतौड़ाझील

साहिबगंजजिलामुख्यालयसे42किलोमीटरदूरस्थितयहझील565हेक्टेयरक्षेत्रमेंफैलाहुआहै।उधवाकापतौड़ाऔरराजमहलकेबरहेलवब्रह्माजमालपुरझीलआश्रयणीक्षेत्रमेंआताहै।लगभग155हेक्टेयरक्षेत्रमेंफैलेपतौड़ाझीलमेंसालोंभरउधवानालेकेमाध्यमसेगंगानदीकापानीमिलताहै।दूसरीओरबरहेलवब्रह्माजमालपुरझीलजो410हेक्टेयरकेक्षेत्रमेंफैलाहुआहै।ब्रह्माजमालपुरझीलकोबढ़ैलयाबड़काझीलकेनामसेभीजानाजाताहै।गर्मियोंमेंझीलकापानीसूखजानेपरजामनगरकेनिवासीइसमेंखेतीकरतेहैं।जाड़ेऔरबरसातकेमौसममेंबढ़ैलऔरपतौड़ाझीलआपसमेंजुड़जातेहैं।सालकेनौमहीनेइनजिलोंमेंपर्याप्तमात्रामेंपानीहोताहै।जहांकईप्रवासीऔरअप्रवासीपक्षीयहांजलक्रीड़ाकरतेहैं।मध्यएशियाकेदेशोंसेयहांपहुंचतेहैंपक्षी

मध्यएशियासेदिसंबरसेमार्चकेमहीनोंमेंसाइबेरियासमेतकईअन्यदेशोंसेयहांपक्षीआतेहैं।इनमेंमुख्यरूपसेस्पूनबिल,एकरेट,जगाना,¨कगफिशर,गोल्डनऑरियो,बैकटेल,ग्रेटआउल,हेरोइनऔरस्ट्रोकजैसीप्रजातिकेपक्षियोंकेअलावाबत्तखऔरकोरमोनेंटसकाफीसंख्यामेंयहांदेखेजासकतेहैं।यहांजलसतहपरदिखाईदेनेवालेपक्षीहैंसामुद्रिक,जलमोर,चैती,पनकौवा,डेबचिक,बानकरइत्यादिहैं।कीचड़वालेकिनारोंपरटिटिहरी,बटान,खंजन,बगुला,आंजन,दाबिल,लकलकऔरधोबैचापक्षीदिखाईदेतेहैं।खुलेएवंघासकेमैदानकेपक्षियोंमेंकबूतर,बगेरी,पतेना,गौरैया,मैना,चचरीऔरबुलबुलहैं।यहांमैनाकीछहप्रजातियांअबलखा,भारतीयमैना,चहीयादरियामैना,पहाड़ीमैना,ब्राह्मणीएवंधसूर-सिलाखीमैनापाईजातीहै।शिकारीपक्षियोंमेंकुररी,चील,मछलीमार,उकाब,बाजऔरगिद्धप्रमुखहैं।घरेलूएवंखजूरपेड़वालीबतासीकौडिल्ला,ड्राओंगो,नीलकंठऔरढेलहरातोताआदिभीयहांआमतौरपरपाएजातेहैं।यहांशीतकालकेप्रवासीपक्षियोंमेंधोमरा,मेरवा,छोटाबटान,टिमटिमाचुपका,छोटापनलावा,धोबना,हुसैनीपिड्दाअबाबीलआदिप्रमुखहैं।लगभग83प्रजातियोंकेप्रवासीऔरअप्रवासीपक्षीपाएजातेहैंजिनमेंसेकईदुर्लभहै।हरी-भरीवादियोंमेंविचरतेखूबसूरतपक्षियोंनेभीइसपर्यटनस्थलकोअपनेलिएचुनाहै।जहांस्वच्छवातावरणमेंयहसुकूनसेउड़तेऔरतैरतेहैं।

नियमितहोतामेहमानपक्षियोंकापुनर्गमन

जिसप्रकारमनुष्यसुदूरकीयात्राकरफिरअपनेघरकोलौटआताहै,ठीकउसीभांतिपक्षीहजारोंकिलोमीटरकीयात्राकरऔरशरदऋतुकिसीसुदूरस्थानमेंव्यतीतकरनकेवलअपनेग्रीष्मनिवासक्षेत्रमेंहीपहुंचजातेहैं,बल्किअपनेपरित्यक्तघोंसलेमेंभीपहुंचजातेहैं।चिड़ियोंकोछल्लापहनानेकीविधिसेयहस्थापितहोगयाहैकियूरोपमेंअबाबीलप्राय:नकेवलउसीबस्तीमेंपहुंचजातीहै,बल्किउसीघोंसलेमेंहीशरणलेतीहै।अबाबीलेंइसयात्रामें9,677किलोमीटरकीदूरीतयकरतीहैं।उनकीगतिविधियोंकोसालोंकेनिरीक्षणकेबादनिकलेतथ्योंसेपताचलताहैकियहपक्षीनकेवलअपनेनिवासक्षेत्रबल्किउसीपुरानेनीड़मेंहीपहुंचतेहैं।बल्किठीकउसीदिनलौटकरआजातीहैंजिसदिनवेपिछलेवर्षमेंलौटकरआईथीं।अतएवजबइतनीलंबीयात्राकरतीहोतोएकनिश्चितसमयपरलौटकरपक्षियोंकाअपनेघोंसलेमेंउपस्थितहोजानाऔरभीआश्चर्यजनकहै।

अतिक्रमणसेप्रभावितहोरहापक्षीआश्रयणी

झीलमेंपक्षीआश्रयणीकेलिएबनारैनबसेरेपरअतिक्रमणकेसाथसाथपक्षियोंकेजीवनपरभीसंकटकेबादलमंडरानेलगेहैं।इतनाहीनहीकईमौकेपरयहांमेहमानपक्षियोंकाचोरीछिपेअवैधशिकारभीहोरहाहैऔरइसेझोलीमेंडालकररसोईघरतकपहुंचायाजारहाहै।जरूरतहैसंरक्षणकी,परंतुजिनकंधोंपरमेहमानोंकीसुरक्षादीगईहैवेहीसंहारककेसाथदिखाईदेनेसेयहांपहुंचनेवालेमेहमानपक्षियोंकीसुरक्षापरप्रश्नचिह्नभीखड़ाहोतारहाहै।

दरअसलउधवापक्षीआश्रयणीकानिरीक्षणवन्यप्राणीप्रमंडलहजारीबागकेअधीनहैऔरवहांसेझीलक्षेत्रकीसंरक्षणसहीतरीकेसेनहींहोरहाहै।सरकारकेपासवन्यजीवोंकेसंरक्षणकेलिएकामकरनेवालीसंस्थाओंनेइसेसाहिबगंजवनप्रमंडलकेअधीनकरनेकाआग्रहकियाहै।