विदेश की चकाचौंध नहीं भायी, गाेसेवा का जज्बा पंजाब खींच लाया, 82 साल की उम्र में गजब का जुनून

अमृतसर,[नितिनधीमान]।जीवनचलनेकानामहै।उम्रमायनेनहींरखती,बसदिल-मतिष्‍कमेंकुछकरनेकीऊर्जावजज्‍बाबनीरहनीचाहिए।अमृतसरकेमायारामशर्मासरकारीसेवासेसेवानिवृतहोनेकेबादजर्मनीअपनेबच्‍चोंकेपासचलेगए,लेकिनवहांकीचकाचौंधभरीजिंदगीउनकोनहींभायी।दिलमेंगौसेवाकाजज्‍बाथाऔरयहीजज्‍बाउनकोपंजाबकीमाटीपरखींचलाया।अबवहउम्रकेचौथेपड़ावमेंनईऊर्जाकेसाथगौसेवामेंजुटेहैं।82सालकीउम्रमेंभीउनकाजुनूनलोगोंकोहैरतमेंडालनेकेसाथहीप्रेरितभीकररहाहै।

जर्मनीकामोहछोड़गौसेवाकेलिएभारतलौटे82सालकेमायाराम

82वर्षीयमायारामशर्माखाद्यएवंआपूर्तिभागमेंनियंत्रककेरूपमेंसेवाएंदेनेकेबादजबसेवामुक्तहुएतबदूसरोंकीतरहउन्होंनेबाकीजिंदगीआरामऔरसुकूनसेबितानेकीबजायगायोंकीसेवाकासंकल्पलिया।सन्1998मेंसेवानिवृत्तिकेबादमायारामशर्माजर्मनीमेंअपनेबच्चोंकेपासचलेगए,लेकिनवहांकीचकाचौंधमेंउनकामननहींलगा।वहांदससालरहनेकेबादवहगौसेवाकेलिएभारतलौटआए।

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वह2012मेंहरिद्वारमेंस्थितआश्रममेंगौसेवाकेपुण्यकार्यमेंजुटगए।चारसालतकवहांनिष्कामभावसेसेवाकरनेकेबादवहअमृतसरमेंश्रीरामतीर्थस्थितबाबाभौड़ेवालागौशालामेंपहुंचे।यहांगायोंकीदेखरेखकाजिम्मासंभाला।सुबहआठबजेसेशामछहबजेतकमायारामशर्मागायोंकीदेखरेखमेंजुटेरहतेहैं।गौशालामें650सेअधिकगउएंहैं।गायोंकोनहलाने,चाराखिलानेतककासाराकामवहखुदकरतेहैं।हालांकि,गौशालामेंऔरभीलोगउनकीमददकेलिएमौजूदहैं।

गायोंकीसेवामेंजुटेमायारामशर्मा।(जागरण)

सेवानिवृत्तहोनेकेबादगौसेवाकोसमर्पितकरदियाजिंदगीकाचौथापड़ाव

वहकहतेहैंकिजबतकसांसहै,गायोंकीसेवाकरतेरहेंगे।उन्हेंगौशालामेंआकरनईऊर्जामिलतीहै।उनकाकहनाहैकिअफसोसनाकपहलूहैकिपंजाबसरकार'काऊसेस'केरूपमेंकरोड़ोंरुपयेजमाकररहीहै,लेकिनइसराशिकाइस्तेमालगायोंकेसंरक्षणवउत्थानमेंनहींहोरहा।यहसारापैसानजानेकहांजारहाहै।

संभालरहे650बेसहारागायोंकीजिम्मेदारी,बजटकाभीकररहेइंतजाम

वहकहतेहैंकिनगरनिगमप्रशासननेभीयहांसैकड़ोंबेसहारागायेंभेजीहैं।इसकीएवजमेंनिगमनेप्रतिमाहकुछराशिदेनेकीबातकही,लेकिनआजतकफूटीकौड़ीनहींमिली।हमअपनेसाधनोंवलोगोंसेचंदाएकत्रितकरगायोंकेलिएचारेवदानेकीव्यवस्थाकररहेहैं।वर्ष2010मेंपंजाबकेतत्कालीनराज्यपालबलरामदासटंडननेपत्रजारीकियाथाकिगौशालाकोप्रतिमाहपचासहजाररुपयेकीराशिजारीकीजाए।

उन्‍होंनेबतायाकिशुरुआतीवर्षोंमेंयहराशिमिलतीरही,फिरधीरे-धीरेइसपरविरामलगगया।पिछलेदोसालोंसेतोएकपैसानहींमिला।अबनगरनिगमप्रशासनकेपास34लाखरुपयेबकायाहै।इसराशिकोप्राप्तकरनेकेलिएकईबारअधिकारियोंकेपासगए,लेकिनसकारात्मकजवाबनहींमिला।सरकारीग्रांटबंदहोनेकेबादभीगायोंकीसेवावसंरक्षणकाक्रमनहींटूटा।मायारामखुदचंदाएकत्रितकरइसकामआगेबढ़ारहेहैं।

उच्चपदोंसेसेवानिवृत्तलोगोंकोजोड़ा

बाबाभौड़ेवालागौशालासेवासमितिकेउपाध्यक्षमायारामशर्माकेसाथसरकारीविभागोंसेसेवामुक्तहुएअधिकारियोंकीटीमभीहै।इसमेंपंडितताराचंदशर्माकानामउल्लेखनीयहै।सभीसदस्यस्वेच्छासेदानदेतेहैंऔरलोगोंकोभीइसकेलिएप्रेरितकरतेहैं।गायोंकोसर्दीवगर्मीसेबचानेकेलिएआधुनिककमरेवशेडबनवाएगएहैं।प्रतिमाहगौमाताकापूजनकियाजाताहै।

पंजाबमें450गौशालाएं

पंजाबमें450गौशालाएंहैं।इनमेंकरीबढाईलाखगायेंवअन्यपशुहैं।काऊसेसकीराशिकासहीइस्तेमालनहोपानेकेकारणगौशालाओंकासंचालनमुश्किलहोरहाहै।

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