वाह! वर्चुअल जीना भी क्या जिदगी है..

शामली,जागरणटीम।इसकालकोकभीनहींभुलायाजासकताकिकोरोनानेहमारेनजानेकितनेअपनोंकोहमसेदूरकरदियाहै,लेकिनयहभीएकबड़ीसच्चाईहैकिमहामारीकेइसदौरनेबदलीहुईजीवनशैलीकेकईनएमानकहमेंदिएहैं।येवर्चुअलजिदगीभीइनमेंसेएकहै।अबदिनकीशुरूआतआनलाइनयोगसेहोनेलगी,बच्चोंकीपढ़ाईसेलेकरअधिकारियोंकीबैठक,निजीकंपनीमेंकार्यकरनेवालेलोगोंकाकार्यवर्चुअलचलरहाहै।यहीनहींअबधार्मिकऔरसामाजिककार्योऔरखेलगतिविधियांभीवर्चुअलहोरहीहैं।जाहिरतौरपरयहहमारीदिनचर्याकाप्रमुखहिस्साबनगयाहै।औरआनेवालेवक्तमेंभीरहेगा।

-अबघरमेंचलरहीकक्षाएं,नहींजातेस्कूल

एकवोसमयथाजबसुबहबच्चेस्कूलकेलिएघरसेचलेजातेथे,औरस्कूलकेबादट्यूशनफिररातकेसमयतकआतेथे,लेकिनकोरोनानेइसमाहौलकोपूराबदलदियाहै।पूरेदिनबच्चेअपनेस्वजनोंकेपासरहकरआनलाइनपढ़ाईकरतेहैं।उसकेबादबचासमयमोबाइलमेंगेमखेलनेयावर्चुअलदोस्तोंकेबातचीतमेंबितारहेहैं।

-वर्चुअलहोरहीबैठक,पैसेकीहोरहीबचत

कोईभीमंडलस्तरयाजिलास्तरपरबैठकहोतोअधिकारीगाड़ीमेंबैठकरजातेथे,लेकिनअबवर्चुअलबैठकेंहोनेकेकारणवाहनोंकेतेलकाखर्चाऔरअधिकारियोंकाआने-जानेकासमयबचरहाहै।जिससेअधिकारियोंऔरसरकारकोबहुतलाभमिलरहाहै।

-योगकीकक्षाभीहोगईवर्चुअल

सुबहऔरशामकेसमयशहरकेलोगयोगकेंद्रपरजातेथे,लेकिनअबसुबह-शामयोगकीकक्षाभीवर्चुअलहोगईहै।कोरोनाकालमेंसैकडोंलोगआनलाइनवर्चुअलयोगकररहेहैं।

-भगवानभीहोगएआनलाइन

कोरोनाकालसेपूर्वमंगलवारकोशहरकेहनुमानधाम,सोमवारकोगुलजारीमंदिर,गुरुवारकोसाईमंदिरमेंभक्तोंकीलंबी-लंबीकतारलगतीहै,लेकिनकोविड-19केबढ़तेसंक्रमणकेचलतेमंदिरसेआनलाइनहीभगवानकेदर्शनभक्तोंकोकराएंजातेहैं।