उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 में कर्मचारियों के हाथ भी राजनीतिक दलों का भविष्य, जानें- कितनी है संख्या

राज्यब्यूरो,देहरादून।UttarakhandElection2022प्रदेशकेचुनावीमहासमरमेंप्रदेशकेचारलाखकर्मचारीवपेंशनरकिसकरवटबैठेंगे,इसकीथाहलेनामुश्किलहै।यहऐसासमूहहै,जोएकबड़ेमतदातावर्गकोप्रभावितकरताहै।चुनावमेंमहत्वपूर्णभूमिकानिभानेवालेइसवर्गकोलुभानेकेलिएकोईभीराजनीतिकदलकोरकसरनहींछोड़नाचाहता।यहीकारणहैकिसरकारेंइनकीकईपेचीदामांगोंकोसुलझानेमेंभीकोरकसरनहींछोडऩाचाहती।वहीं,विपक्षभीकर्मचारियोंकोसाधनेकेलिएइनकीमांगोंपरसुरसेसुरमिलाएरहतेहैं।

उत्तराखंडमेंसबसेअधिककामगारसरकारीसेवाओंमेंहैं।प्रदेशकीसरकारीसेवाओंमेंतकरीबन2.50लाखसरकारीकर्मचारीहै।शिक्षकोंकीसंख्या60हजारकेआसपासहै।इतनीहीसंख्यामेंपेंशनरहैं।निकायकर्मियोंकीसंख्याभी50हजारसेअधिकहै,जबकिउपनल,पीआरडी,होमगार्डवसंविदाकर्मियोंकीसंख्या40हजारसेअधिकहै।यहकुलसंख्या4.50लाखसेअधिकहै।यदिएककर्मचारीकेपीछेउसकेपरिवारकेछहव्यक्तियोंकोभीजोड़दियाजाएतोयहआंकड़ा18लाखकेआसपासबैठताहै।यहसंख्याकुलमतदाताओंकातकरीबन22प्रतिशतहै।

कर्मचारियोंकेइससमूहकेप्रभावकोसभीराजनीतिकदलअच्छीतरहसमझतेहैं।इसेदेखतेहुएकोईभीराजनीतिकदलकर्मचारीवर्गकोनाराजकरनेकीस्थितिमेंनहींरहताहै।यहीकारणभीहैकिजबभीकर्मचारीसंगठनअपनीआवाजबुलंदकरतेहैंतोसरकारोंकोउनकेसामनेझुकनाहीपड़ताहै।आंदोलनमेंसख्तीदिखानेऔरवेतनकाटनेतककेआदेशदेनेकेबावजूदबादमेंसरकारकोइनसेकदमपीछेहीखींचनेपड़तेहैं।परिणामस्वरूपकर्मचारीसंगठनोंकेअधिकांशआंदोलनसफलहोतेहैं।

यूंतोसरकारीकर्मचारीआचरणनियमावलीमेंबंधेहोनेकेकारणकिसीराजनीतिकदलकीसदस्यतानहींलेसकते,लेकिनयहबातभीसहीहैकिकईसंगठनऐसेहैंजोविभिन्नदलोंकीविचारधारासेजुड़ेहैं।सेवानिवृत्तिकेबादइन्हेंइनराजनीतिकदलोंमेंसक्रियकार्यकर्त्ताकीभूमिकामेंदेखाजासकताहै।

हरविभागमेंकर्मचारीसंगठन

प्रदेशमेंशायदहीकोईविभागयानिकायऐसाहोगा,जहांकर्मचारीसंगठनअस्तित्वमेंहैं।हरविभागमेंकमसेकमदोसेतीनकर्मचारीसंगठनहैं।हालांकि,कुछविभागोंमेंइनकीसंख्याइससेअधिकहै।यहांतककिप्रदेशमेंआउटसोर्सकर्मचारीजैसेआशाकार्यकर्त्ता,भोजनमाता,पीआरडीकर्मचारीवउपनलकर्मियोंकेभीअपनेअलगसंगठनहैं।

राजनीतिमेंभीबनाईपहचान

प्रदेशकीराजनीतिमेंकर्मचारी-शिक्षकनेताओंनेभीअपनीपहचानबनाईहैं।इनमेंकांग्रेसनेतावपूर्ववित्तमंत्रीस्वर्गीयइंदिराहृदयेशकानामप्रमुखहै।एकशिक्षिकाकेरूपमेंसफरशुरूकरनेकेबादउन्होंनेउत्तराखंडमेंवित्तमंत्रीवनेताप्रतिपक्षजैसाअहमपदसंभालाहै।उनकेअलावाडाहरकसिंहरावतवप्रोजीतरामभीशिक्षकनेतारहेहैं।वरिष्ठभाजपानेतामुन्नासिंहचौहाननेभीसरकारीसेवाकेबादसफलराजनीतिकसफरतयकियाहै।

कर्मचारियोंकीप्रमुखसमस्याएं

-पुरानीपेंशनबहालीएकऐसामुद्दाहै,जिसेतकरीबनहरप्रदेशमेंकर्मचारियोंद्वाराउठायाजारहाहै।यहांभीकर्मचारीइसमुद्देपरमुखरहैं।

-प्रदेशमेंस्थानांतरणनीतिकेसख्तीसेलागूनहोपानेकेकारणकईकर्मचारीसालोंसेपर्वतीयजिलोंमेंहीअपनीसेवाएंदेरहेहैं।

-स्वास्थ्ययोजनाकोलेकरभीकर्मचारीसंगठनमुखरहै।सरकारद्वाराभलेहीइसमेंबदलावकियागयाहै,लेकिनयहपूरीतरहधरातलपरनहींउतरपाईहै।

-उपकरणवकार्यालयोंकीकमीभीकर्मचारियोंकीएकबड़ीसमस्याएंहैं।कईविभागोंकोडिजिटलकिएजानेकेबावजूदपर्याप्तसंख्यामेंकंप्यूटरनहींहै।वहीं,कईसरकारीकार्यालयअभीकिराएकेभवनोंमेंहीचलरहेहैं।

प्रमुखकर्मचारीसंगठन

-राज्यकर्मचारीसंयुक्तपरिषद

-उत्तराखंडअधिकारी-कर्मचारीशिक्षकमहासंघ

-राज्यनिगमअधिकारी-कर्मचारीमहासंघ

-उत्तराखंडकार्मिकएकतामंच

-राजकीयशिक्षकसंघ

-उत्तराखंडफेडरेशनआफमिनिस्टीरियलफेडरेशनएसोसिएशन

-उत्तराखंडविद्युतअधिकारी-कर्मचारीसंघर्षमोर्चा

-राष्ट्रीयपुरानीपेंशनबहालीसंघर्षमोर्चा

-पेयजलनिगमअधिकारी-कर्मचारीसमन्वयसमिति

-उत्तराखंडजलसंस्थानकर्मचारीसंगठनसंयुक्तमोर्चा

-उपनलकर्मचारीमहासंघ

सरकारीकर्मचारी-तकरीबन2.5लाख

-शिक्षक-तकरीबन60हजार

-निगमवनिकायकर्मी-55हजार

-उपनलकर्मी-22हजार

-होमगार्ड-छहहजार

-पीआरडीकर्मी-छहहजार

-संविदाकर्मी-पांचहजार

राज्यकर्मचारीसंयुक्तपरिषदकेअध्यक्षअरुणपांडेयनेकहा,कर्मचारीसंगठनसरकारकेसामनेहमेशातथ्यपूर्णमांगोंकोलेकरअपनीबातरखतेहैं।जबउनकीबातनहींसुनीजाती,तबआंदोलनकारास्ताअपनानापड़ताहै।इसमेंकोईराजनीतिनहींहै।

अधिकारी-कर्मचारी-शिक्षकमहासंघकेअध्यक्षदीपकजोशीनेबतायाकिकर्मचारीहमेशाज्वलंतविषयोंकोलेकरहीआंदोलनकारास्ताअपनातेहैं।यहकदमभीतबउठानापड़ताहै,जबसरकारेंकर्मचारियोंकीबातनहींसुनती।वोटकहांदेनाहै,यहहरकर्मचारीकाअपनाविवेकहै।

राजकीयशिक्षकसंघकेमहामंत्रीसोहनसिंहमाजिलानेकहा,शिक्षकसमाजकाअंगहैं।उनकीभीअपनीजरूरतेंहैं,अपनेअधिकारहैं।शिक्षकहमेशाजायजविषयोंपरहीपूरेतथ्योंकेसाथअपनीआवाजबुलंदकरतेहैं।उसीपरदबावभीबनायाजाताहै।

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