उफनाती लहरों के बीच जिदगी बचाने की जद्दोजहद

जागरणसंवाददाता,कानपुरदेहात:मोनी,संजूकोउसकीदादीपानीपारकराकरऊंचेस्थानपरलेजारहीहैं।मां-पिताघरकासामानलानेमेंलगेहैं।गलेतकउफनाकरबहरहेपानीकेबीचकंपकंपातीमासूमसलोनीचिल्लारहीदाईहाथपकड़ौ,बांगरमेंपानीपूरीतरहघरोंकोघेरचुकाहै।कुछमकानहीशेषहैंजहांपानीचबूतरोंकोछूरहाहैबाकीघरोंकेआंगनभरचुकेहैं।नयापुरवामेंतोदोखंडकेबनेमकानोंकापहलामालापानीकीभेंटचढ़चुकाहै।लोगछतोंपरगृहस्थीजमारहेहैं।जिनकेकच्चेमकानहैंवहऊंचेटीलोंऔरदूसरेकेमकानोंमेंशरणलियेहुएहैं।बाढ़कीविभीषिकामेंहरकिसीकेसामनेजिदगीबचानेकीजद्दोजहदहै।

क्योंटराकेबांगरमेंसौसेअधिकघरोंमेंपानीभराहोनेसेवहांकेलोगबाहरनिकलरहेहैं।परिवारकेछोटेबच्चोंकोमहिला,पुरुषकिसीतरहबाहरनिकालनेकाजुगाड़कररहेहैं।घरोंकाकाफीसामानबर्बादहोचुकाहै।जिदगीबचानेकेचक्करमेंलोगअपनीभूखप्यासभीभूलचुकेहैं।सभीअधिकचिताछोटेबच्चोंकीसतारहीहै।रानीकासातसालकाबेटाअंकुर,नौसालकीबेटीसुमनवहींचबूतरेमेंबैठकरबाहरहहरातेपानीकोदेखसकतेहैं।परिवारदोदिनसेइसइंतजारमेंहैकिशायदपानीकमहोजाएऔरबाहरनजानापड़े।वहींजोकच्चेमकानहैंवहांलोगखतरेकेबीचरुकेहुएहैं।पानीभरजानेसेदीवारेंदरकनेलगीहैं।नयापुरवामेंलोगघरोंकेऊपरछतोंपरगृहस्थीरखेहुएहैं।नयापुरवाकेजगमोहनकेपासकईमवेशीहैंवहइन्हेंछोड़करजानानहींचाहते।अपनेसेअधिकउन्हेंउनकीचितासतारहीहै।कहतेहैंयहीजीविकाहै,इन्हेंकैसेछोड़करचलेजाएं।बीबी-बच्चेऊंचेस्थानोंपरजाचुकेहैं।बांगरमेंएकदर्जनमहिलाएंगुरुवारकोकिसीतरहगांवसेबाहरआकरलोगोंकोबतायाकिउनकेयहांखानेकेलिएकुछनहींबचाहै।बच्चोंकापेटभरनासबसेबड़ीसमस्याबनगयाहै।बड़ेलोगतोकिसीतरहभूखबर्दाश्तकरलेतेहैं।जमुनियाकहतींहै,बच्चवनकारोअबनाहींदीखजात,कच्चा-पक्काजौंनरहेचारदिनसेखिलाइतआहिन,अबकादेई।चूल्हाजलिनाहींरहा,खानाबनैतौकैसे।निशाकहतीहैं,पांचसालकाबेटवाहै,घरमाबिस्कुट,टोस्टरखेरहैंवहीदीनहै,दूधकाइंतजामनाहीहोइपारहा,जानवरौछोड़िदीनगेहैं,काकरीकछुसमझमानाहींआवत,कैसोजानतौबचावइकापरी।