UP Panchayat Chunav: वो भी क्‍या दौर था... चौपाल पर ही सर्वसम्मति से चुन लिए जाते थे प्रधानजी

बिजनौर,जेएनएन।उत्‍तरप्रदेशमेंइनदिनोंपंचायतचुनावोंकादौरहै।चुनावजीतनेकेलिएप्रत्‍याशीहरप्रकारकेहथकंडेअपनारहहैं।सरकारीअमलेकेपूरेप्रयासकेबादभीआचारसंहिताउल्‍लंघनकेमामलेलगातारप्रकाशमेंआरहेहैं।ऐसेमेंवयोवृद्धग्रामीणोंकोपुरानादौरयादआरहाहै।उनकाकहनाहैकिआजादीकेचारदशकतकग्रामप्रधानकेपदपरगांवकेगुणवानऔरसेवाभाववालेव्यक्तिकोहीखड़ाकियाजाताथा।मतदाताबिनाकिसीलालचकेअपनावोटकरदेतेथे।गांवकीचौपालसेहीउम्‍मीदवारप्रधानकेसिंहासनपरविराजमानहोजातेथे।यदिउससमयपंचायतचुनावहोभीजाताथातोग्रामीणप्रत्याशीकोएकमतहोकरजीताहुआमानलेतेथे,लेकिनआजचुनावकाट्रेंडपूरीतरहबदलगयाहै।

आजभीइनकीयादोंमेंबसाहैवोदौर

जलीलपुरक्षेत्रके वयोवृद्धग्रामीणरामफलसिंहऔरईश्वरदयालकाकहनाहैकिगांववालेचुनावमेंऐसेसक्षमव्यक्तिकोचुनतेथे,जोसमयआनेपरगरीबोंकीमददकरसके।जातिवादवअन्‍यसभीभेदभावसेऊपरउठकरगांवकीसेवावरक्षाकरसके।आजादीसेपहलेगांवकीदेखरेखऔरअन्यमहत्वपूर्णनिर्णयकेलिएगांवकेहीएकगुणवानसेवाभाववालेबुजुर्गकोमुखियाबनायाजाताथा।आजादीकेबादगांवमेंमुखियाकेस्थानपरप्रधानबननेलगेबुजुर्गग्रामीणोंकेअनुसार1947-50केदशकमेंग्रामीणएकचौपालपरबैठकरगांवकेहीसमाजसेवीकेगुणकोदेखकरउसव्यक्तिकोसर्वसम्मतिसेप्रधानचुनकरगांवकेसिंहासनपरबैठादेतेथे।वहप्रधानभीग्रामीणोंकीअपेक्षाओंपरखराउतरताथा।लेकिन,अबआधुनिकताकीदौड़मेंग्रामपंचायतकेचुनावभीहाइटेकहोगए।मास्टरराजेंद्रसिंहबतातेहैंकिआजादभारतकेरूपमेंलोगोंनेएकसपनादेखाथाकिभाईचारेवप्रेम,विकासऔरशांतिकाप्रतीकऐसामुल्कहो,जिसमेंसभीकोरोटी,कपड़ाऔरमकानमिलसके।समाजसेवीमहाशयकल्याणसिंहआर्यकाकहनाहैकिइससमयमेंपंचायतचुनावरंजिशनिकालनेवशासनसेआईधनराशिकोहड़पनेवमानप्रतिष्ठाकेलिएलड़ाजाताहै।यहीकारणहैंकिसेवाभाववालेव्यक्तियोंनेचुनावसेकिनाराकरलियाहैं।आजकीराजनीतिभीदोषपूर्णहोगईहैकहींजातिदेखकरतोकहींधर्मदेखकरचुनावहोताहै।

1987-88केबादबदलनेलगेचुनावीरंग

ग्रामीणोंकाकहनाहैकिसन1987-88केबादसेपंचायतोंमेंवित्तीययोजनाआरंभहोनेकेबादचुनावकास्वरूपसालदरसालबदलताचलागया।योजनाओंकेकारणवर्तमानपंचायतचुनावोंमेंनोटोंकीबौछारकेसाथबाहुबलियोंकेचुनावमेंकूदनेसेगांवकागुणवानवसेवाकोसमर्पितव्यक्तिकिनाराकरनेलगेहैं।