UP Chunav 2022 एक ऐसा प्रत्‍याशी जो राजनीति की पाठशाला में 17 बार फेल हुआ, हमेशा जातिवाद का किया विरोध

विनोदभारती,अलीगढ़। UPChunav2022यूंतोचुनावोंमेंएकसेबढ़करएकयोद्धाआपनेदेखाहोगा,लेकिनजनपदकीराजनीतिमेंदेहलीगेटनिवासीडा.अमरनाथनेअलगहीपहचानबनाई।राजनीतिकीपाठशालामेंदाखिलालेनेकेबादडा.अमरनाथ17बारअनुत्तीर्णहुए।दरअसल,वेनौबारलोकसभाक्षेत्र,सातबारविधानसभाक्षेत्रवएकबारचेयरमैनपदकेलिएचुनावलड़े,लेकिनजीतएकबारभीनहींमिली।हरबारपूरेजोशकेसाथचुनावीमैदानमेंरहे।हां,1967केबादबतौरनिर्दलीयप्रत्याशीसर्वाधिकमतप्राप्तकरनेकारिकार्डआजतकउनकेनामहीहै।इससेडा.अमरनाथकोजोख्यातिमिली,वहकिसीविजेताप्रत्याशीसेकमनहींथी।केवलकिसीसदनकेसदस्यनहींबनपाए,इसकाकभीअफसोसभीनहींरहा।

इलाहाबादविश्‍वविद्यालयमेंलीउच्‍चशिक्षा

डा.अमरनाथकाजन्मआठअगस्त1942कोदेहलीगेटस्थितराधाकीसरायकेगुप्तापरिवारमेंहुआ।प्रारंभिकशिक्षाएएमयूकेसिटीस्कूलवउच्चशिक्षाइलाहाबादयूनिवर्सिटीसेहुई।फिरचिकित्सकबने।सन1971मेंराजनीतिमेंपदार्पणकिया।डा.आंबेडकरकेविचारोंसेकाफीप्रभावितथे,इसलिएसरनेम‘गुप्ता’काहमेशाकेलिएपरित्यागकरदिया।

लोकसभाचुनावसेशुरुआत

डा.अमरनाथने1971मेंसर्वप्रथमलोकसभाचुनावलड़ा।मात्र2996मत(सातवांस्थान)मिले।फिर,1974केविधानसभाचुनावहुए।शहरसीटसेपर्चाभरा।सिर्फ566मतमिलपाए।1977केलोकसभाचुनावमेंफिरपर्चाभरदिया।13हजार347वोटपाकरतीसरेस्थानपररहे।इसकेबाद1980केविधानसभाचुनावमें97मत,1985केचुनावमें88,1989केचुनावमें89मत,1991में137मत,1993में93मतप्राप्तहुआ।1993केविधानसभाचुनावमेंतोरिकार्ड58प्रत्याशियोंनेखमठोंकाथा,इसमें51निर्दलीयथे।इसीतरहलोकसभाके1980,1984,1989(1222मत),1991(1503मत),1998(1945)काचुनावलड़ा।हरबारजमानतजब्तहुई।डा.अमरनाथकेपुत्रडा.एलबीदयाशंकरबतातेहुएकिउनकामकसदसत्ताकेकिसीशिखरपरपहुंचनानहींथा।हरबारहारे,फिरभीलड़े,क्योंकियहअधिकारहमेंसंविधानमेंमिलाहै।यहीबातलोकतंत्रकोखूबसूरतऔरमहानबनातीहै।पिताजीने17वांवआखिरीचुनावचेयरमैनपदकेलिएलड़ा।फिर,राजनीतिसेसन्यासलेलिया,क्योंकिउनकेअनुसारराजनीतिमेंभीरिटायरमेंटकीउम्रहोनीचाहिए।समाजसेवीकेरूपमेंजीवनपर्यंतउनकेप्रयासजारीरहे।17अप्रैल2009कोउनकीमृत्युहोगई।

जातिवादकीराजनातिसेरहेदूर

डा.एलबीदयाशंकरकेअनुसारडा.अमरनाथजातिवादकीराजनीतिकेधुरविरोधीथे,इसलिएउन्होंनेकभीकिसीराजनैतिकपार्टीसेटिकटनहींमांगा।अपनासरनेम''''गुप्ता''''त्यागनेकेपीछेभीजातिवादीव्यवस्थाकाविरोधथा।