तेरह साल से बेघर अशोकनगर के बाशिंदे

जेएनएन,पूरनपुर(पीलीभीत):वर्ष2007मेंशारदानदीकीआगोशमेंआकरतबाहहुएगांवअशोकनगरकेग्रामीणबदहालीकीजिदगीजीरहेहैं।जंगलमेंघासफूसकीझोपड़ीबनाकरमेहनतमजदूरीकरपरिवारकीनैयाखींचरहेहैं।ग्रामीणोंकोअभीतककईसरकारीसुविधाओंकालाभनहींमिलसका।जिसस्थानपरगुजरबसरकररहेहैंवहजगहजंगलकीहोनेकेकारणसुविधाओंसेवंचितहैं।

शारदानदीनेहजारोंएकड़कृषिभूमिकाकटानकरनेकेसाथडेढ़दर्जनगांवोंकोभीतबाहकियाहै।पक्केकच्चेघरऔरकृषिभूमिभीशारदाकीभेंटचढ़ीहै।जिनगांवोंमेंशारदाआफतबनकरटूटीउनगांवोंमेंरहनेवालेग्रामीणवर्षोंबादभीबदहालीकीजिदगीजीरहेहैं।उसबदहालीमेंगांवअशोकनगरकेबाशिदोंकाजिक्रसबसेपहलेआताहै।वर्ष2007मेंशारदाकीविभीषिकामेंघर,भूमिआदिसभीकुछगंवानेवालेअशोकनगरकेलोगोंकोजबप्रशासनकीतरफसेकोईसहारानहींमिलातोउन्होंनेपड़ोसीजनपदलखीमपुरखीरीकेअधीनसम्पूर्णानगरकेबफरजोनमेंआनेवालेजंगलकोअपनाठिकानाबनालिया।घासफूससेझोपड़ीबनाकरअपनाजीवनयापनशुरूकिया।वनविभागनेबाढ़पीड़ितोंकोकईबारखदेड़नेकाभीप्रयासकियालेकिनआपदाकेदंशकाशिकारयहलोगमजबूरीमेंअभीभीअच्छेजीवनकीज्योतितलाशरहेहैं।जिसजगहयहलोगरहरहेहैंवहजंगलकीजमीनहोनेकेचलतेइनलोगोंकोसरकारीसुविधाओंकोलाभनहींमिलसका।सभीसड़केंकच्चीहैंजिनमेंमामूलीबरसातमेंहीकीचड़होजाताहै।महिलाएंऔरपुरूषशौचकेलिएखेतोंमेंजातेहैं।कईबारप्रशासनकीतरफसेइनकोदूसरीजगहबसानेकेलिएआश्वासनदियागया,लेकिनजोअभीतकधरातलपरनहींउतरसकाहै।साथहीप्रशासनकीतरफसेदूसरीजगहबसाएजानेकीआसभीसंजोएबैठेहैं।खंडविकासअधिकारीनीरजदुबेनेबतायाकिवर्ष2018-19मेंतीसआवासदिएगएथेजोपट्टेकीभूमिपरबनवाएगएहैं।शौचालयभीदिएगएहैं।अन्यसुविधाओंकालाभमिलेगा।

गांववासियोंकोआवासतोदूरशौचालयतकनहींमिलसकेहैं।इसकेचलतेमहिलाओंऔरयुवतियोंकोखेतोंकीतरफजानापड़रहाहै।कईबारमांगकीगईलेकिनअभीतककिसीनेभीइसओरध्याननहींदिया।

आरतीदेवीशारदानदीनेसबकुछछीनलिया।घरऔरजमीनदोनोंशारदाकीभेंटचढ़गई।किसीनेभीइसगांवकेबाढ़पीड़ितोंकीतरफकोईध्याननहींदिया।गांवकेसभीलोगबदहालकीतरहजिदगीजीरहेहैं।

आजादीदेवीग्रामीणजमीनकटजानेसेमेहनतमजदूरीकरपरिवारकाभरणपोषणकरतेहैं।युवावर्गदूसरेप्रांतोंमेंजाकरमेंजाकरकामकरनेकोविवशहैं।जमीननहोनेसेरोजीरोटीकेभीसंकटखड़ेहोजातेहैं।

जंगलकीजमीनपरछप्परपोशघरबनाकररहतेहैं।समय-समयपरवनविभागकेअधिकारीभूमिखालीकरनेकेलिएअधिकारीआकरहड़काजातेहैं।वनभूमिहोनेसेसरकारीसुविधाएंभीयहांकेबाशिदोंकोवर्षोंसेनहींमिलपारहीहै।