तालाब ऐसा जो कभी नहीं सूखा

-नगरकापानीतालाबमेंहोताहैएकत्र,बाजारवआसपासकेलोगोंकेलिएहैआस्थाकाकेंद्र

संवादसूत्र,गैंसड़ी(बलरामपुर):क्षेत्रमेंऐसापोखराहैजोकिसीभीऋतुमेंनहींसूखताहै।तालाबलोगोंकीआस्थाकाकेंद्रहैं।शादीवअन्यमांगलिककार्योंपरतालाबपरधार्मिकअनुष्ठानभीकिएजातेहैं।बरसातकेमौसमबाजारकापानीइसीजलाशयमेंइकट्ठाहोताहै।गर्मीकेमहीनोंमेंजहांनालेवनदियांसूखजातीहैं।वहांयहतालाबकभीनहींसूखताहै।गर्मीकेमौसममेंभीदसफिटकीगहराईमेंजलाशयमेंपानीभरारहताहै।हिन्दूसमाजकीमहिलाएंधार्मिकएवंवैवाहिककार्यक्रमोंकेपश्चातकलशविसर्जनवअनुष्ठानकेलिएइसजलाशयकाप्रयोगकरतीहैं।गर्मीमेंयहजलाशयपशुपक्षियोंकीप्यासबुझानेमेंवरदानसाबितहोरहाहै।

गैंसड़ीबाजारमेंराष्ट्रीयराजमार्गकेकिनारेब्रिटिशशासनकालमेंखोदागयाजलाशयजलसंरक्षणकेमामलेमेंकाफीबेहतरसाबितहोरहाहै।बरसातकापानीयहांनिरर्थकनहींजाताहै।पूरेबाजारकापानीबहकरइसीजलाशयमेंइकट्ठाहोताहै।जलाशयकाक्षेत्रफलकरीबएकएकड़मेंहै।जहांपूरेवर्षभरदसफिटकीगहराईमेंपानीभरारहताहै।पांचवर्षपहलेइसजलाशयकीसफाईहुईथी।उसदौरानपूरापानीबाहरनिकालदियागयाथा।बतायाजाताहैकिइसजलाशयकानिर्माणब्रिटिशशासनकालमेंक्षेत्रकेतत्कालीनमहाराजानेकरवायाथा।इसस्थानपरआजभीउससमयकाबनायागयाघाटमौजूदहै।जहांमहिलाएंधार्मिकववैवाहिकअनुष्ठानकेपश्चातकलशविसर्जनकरतीहैं।स्नानघाटपरमहिलाएंकपड़ाधुलनेवबच्चेनहानेकाप्रयोगकरतेहै।

पब्लिकबोली:डॉ.कंहैया¨सहनेबतायाकिइसपोखरेकाऐतिहासिकमहत्वभीहै।यहांपूर्वजोंकेसमयसेधार्मिकएवंवैवाहिकअनुष्ठानकेपश्चातकलशविसर्जनकेलिएमहिलाएंआतीहैं।तीनदशकपहलेगर्मीकेमौसममेंबाजारकेयुवावर्गकेलोगयहांजलक्रीड़ाकरनेआतेथे।तैराकीकरतेथे।जलाशयपूरीतरहसेशुद्धरहताथा।बैजनाथजायसवालनेबतायाकिसुंदरीकरणकरानेकीजरूरतहै।संदीपजायसवालकाकहनाहैकिऐसेस्थलकाविकासहोनेसेलोगोंकोध्यानकेंद्रवयोगस्थलकेसाथपार्ककेलिएस्थानउपलब्धहोजाएंगे।जलसंरक्षणकेरूपमेंयहजलाशयपशुपक्षियोंकीप्यासबुझानेमेंवरदानसाबितहोरहाहै।जलाशयकोआधुनिकतादेनेकीमांगकुनाल¨सह,बृजेशगुप्त,रामूपटवावबाजारवासियोंनेकीहै।