स्वच्छता की देवी माता शीतलाष्टमी की हुई पूजा

जागरणसंवाददाता,महोबा:गर्दभपरविराजमानमाताहाथमेंझाड़ूतथाकलशधारणकरनेवाली,सूपसेअलंकृतभगवतीशीतलास्वास्थकावरदानदेनेवालीहैं।स्वच्छताकीदेवीकाशुक्रवारकोघरोंमेंविधिविधानसेपूजनकियागया।एकदिनपहलेरातकेबनाएखाद्यपदार्थोंकाभोगलगायागया।

जिलेमेंशीतलाष्टमीकापर्वमहिलाओंनेउत्साहकेसाथमनाया।इसदिनघरोंमेंबसौढ़ाकाहीभोगलगायागयाऔरउसेप्रसादकेरूपमेंवितरितकियागया।गांधीनगरनिवासीकल्पनाकहतीहैंकिशीतलाष्टमीस्वच्छताकीअधिष्ठात्रीदेवीहैं।हाथमेंझाड़ूहोनेकाअर्थहैकिहमलोगोंकोभीसफाईकेप्रतिजागरूकहोनाचाहिए।कलशसेतात्पर्यहैकिस्वच्छतारहनेपरहीस्वास्थ्यरूपीसमृद्धिआतीहै।मान्यताकेअनुसार,इसव्रतकोरखनेसेशीतलादेवीप्रसन्नहोतीहैं।वहसारेरोग-दुखसेदूररखतीहैं।शीतलामाताकापूजनचैत्रकृष्णपक्षकीअष्टमीपरहोताहै।मान्यताहैकिइसदिनकेबादसेबासीखानानहींखानाचाहिए।यहऋतुकाअंतिमदिनहोताहैजबबासीखानाखासकतेहैं।घरोंमेंमहिलाओंनेइसदिनरसोईकीदीवारपरहाथकेपंजेमेंघीसेनिशानबनाया,फिरइसपररोलीऔरचावललगाकरदेवीमाताकेगीतगाए।शीतलास्तोत्रतथाकहानीसुनीगई।किसानोंकोदीजरूरीजानकारी

कुरारा:स्थानीयविकासखंडसभागारमेंप्रसारकार्यकर्ताकार्यक्रमकाआयोजनकृषिविभागवपशुपालनविभागद्वाराकियागया।वहीकिसानोंकोपशुपालनकेसंबंधमेंजानकारीदीगई।पशुचिकित्साअधिकारीडा.अमिताभसचाननेपशुपालकोंकोबतायाकिगायवभैंसकेनएतकनीककाउपयोगकरअच्छीनस्लकेपशुधनतैयारकरदुग्धउत्पादनकरसकतेहैं।किसानकृषिकेसाथपशुपालनकाकार्यकरकेअपनीआयमेंबढ़ोतरीलासकतेहैं।संसू