सुन्दर एवं मीठा बोलने वाले होते हैं रोहिणी नक्षत्र के लोग, भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा है खास रिश्ता

पंडितशशिशेखरत्रिपाठी

रोहिणीनक्षत्रकोचंद्रमाकीअमृतशक्तिकाबीजमानाजाताहै।यहनक्षत्रचारतारोंसेमिलकरबनताहै।ऋषियोंनेरोहिणीकोविशेषसम्मानदियाहैऔररोहिणीनक्षत्रमेंप्रजापतिब्रह्माकावासमानतेहैं।उनकेतारोंकीआकृतिबैलगाड़ीकीआकृतिकीतरहहोतीहैंऔररोहनशब्दकाप्रयोगसवारीकरनेसेहोताहै।रोहनशब्दकाअर्थवृद्धिविकासउच्चतापपानाहोताहै।रोहिणीकाशाब्दिकअर्थलालगायहै।रोहिणीनक्षत्रकेदेवताब्रह्माहोतेहैं।रोहिणीनक्षत्रवृषराशिमेंहोतेहैं।इसलिएवृषराशिवालोंकारोहिणीनक्षत्रहोसकताहै।भगवानश्रीकृष्णकानक्षत्रभीरोहिणीथा।

रोहिणीनक्षत्रकेलोगकाफीकल्पनाशीलहोतेहैं।इसनक्षत्रकास्वामीचंद्रमाहोताहै।रोहिणीनक्षत्रकेदेवताब्रह्माहैंऔरब्रह्माप्रकृतिकेक्रिएटरहैं।अबप्रकृतिइतनीसुंदरहैतोआपब्रह्माकेगुणोंस्वतःहीसमझगएहोंगे।रोहिणीनक्षत्रकासंबंधकृषिऔरसभ्यताकेविकाससेभीजोड़ाजाताहै।इसनक्षत्रकेलोगचंचलस्वभावकेहोतेहैंऔरस्थायित्वइन्हेंरासनहींआता।इनकीसबसेबड़ीकमीयहहोतीहैकियेकभीएकहीमुद्देयारायपरकायमनहींरहते।येलोगस्वभावसेकाफीमिलनसारहोतेहैं।चलिएअबइसनक्षत्रमेंजोलोगजन्मलेतेहैंउनकेगुणोंकेविषयमेंप्रकाशडालतेहैं।

रोहिणीनक्षत्रमेंजन्माव्यक्तिप्रकृतिप्रेमीऔरप्रकृतिकापुजारीहोताहै।पर्यावरणकोलेकरयहबहुतहीसंवेदनशीलहोताहै।

रोहिणीनक्षत्रवालोंकीआंखेंसुंदरहोतीहैं।

रोहिणीनक्षत्रमेंजन्मेजातकसुन्दरएवंमीठाबोलनेवालेहोतेहैं।रोहिणीनक्षत्रवालेव्यक्तिरोमांटिकहोतेहैं।

रोहिणीनक्षत्रवालेदिलसेकामज्यादाकरतेहैंऔरइसीलिएयहबहुतजल्दीलोगोंपरविश्वासकरलेतेहैं।

रोहिणीनक्षत्रवालेकल्पनाशीलहोतेहैंऔरसृजनात्मकप्रकृतिकेहोतेहैं।नई-नईचीजोंकोईजादकरसकतंहैं।

रोहिणीनक्षत्रवालोंमेंएकखासबातऔरहोतीहैकियहअगरकिसीप्रोजेक्टसेजुड़जाएंतोउसकीकमियोंकोखोजकरउसकासमाधानकरतेहुएउसप्रोजेक्टकोबहुतहीनियमसेऔरसंतुलितहोकरबहुतअच्छेपरिणामदिलानेकीक्षमतारखतेहैं।

घरऔरकार्यक्षेत्रमेंव्यवस्थितरहनाहीपसंदकरतेहैं।गन्दगीसेनफरतहै।

स्वभावसेकोमलऔरसौन्दर्यकेप्रतिलगावआपकेप्रमुखगुणोंमेंसेएकहै।

रोहिणीनक्षत्रवालेव्यक्तिकोजल्दीकिसीपरविश्वासनहींकरनाचाहिए।ऑफिसकेलोगोंकोअपनीगुडबुकमेंबिनाजांचेपरखेशामिलनहींकरनाचाहिए।

ऐसेव्यक्तियोंकोइमोशनलबैल्कमेलिंगसेबचनाचाहिए।

कोईभीकार्यभावनामेंबहकरनहींकरनाचाहिएअन्यथाबादमेंपरिणामठीकनहींहोतेहैं।

कैसेपढ़ाएंपावर

रोहिणीनक्षत्रवालोंकेप्रकृतिप्रेमकापूर्णलाभलेनाचाहिए।ब्रह्मादेवताहोनेकेकारणप्रकृतिकेअनुरूपकार्यकरनाइनकेलिएसर्वश्रेष्ठहोताहै।इनकेलिएशुभवनस्पतिजामुनहै।जिसकापौराणिकनामजम्बुहै।जामुनबहुतहीसरलतासेउगनेवालावृक्षहै।साथहीसभीजगहपायाजाताहै।जामुनकाफलबहुतहीलाभकारीहोताहैऔरसाथहीगणपतिकोभीप्रियहैइसीलिएश्लोकहैजम्बुफलभक्षणम्।यहमधुमेहकीश्रेष्ठऔषधिहोतीहै।यहीनहींजामुनकासिरकाभीअतिलाभकारीहोताहै।कुलमिलाकररोहिणीनक्षत्रवालेव्यक्तिकोअपनेजीवनमेंअधिकसेअधिकजामुनकेपेड़लगानेचाहिए।इसकेसाथहीजामुनकेपेड़कीसेवाभीनिरंतरकरतेरहें।जामुनकेपौधेउपहारमेंदेसकतेहैं।