सोनहर की पहाड़ी में छिपे हैं इतिहास के कई रहस्य

संजीवकुमार,शिवसागर:रोहतास।पुरातात्विकरूपसेसमृद्धसोनहरपहाड़ीपरप्राचीनबसावकेअवशेषअबभीजहां-तहांबिखरेपड़ेहैं।यहांमानवसंस्कृतिकेविकाससेजुड़ेकईरहस्यछिपेहैं।

10मीटरऊंचावएकहजारवर्गमीटरक्षेत्रमेंफैलीपहाड़ीपरलाल,काला,धूसर,लालऔरकालामृदभांडभीमिलेहैं।मिट्टीकेबर्तनोंमेंहांड़ी,गगरी,कटोरावकोठिलाआदिकेटुकड़े,पहाड़ीकेऊपरपूर्वमध्यकालीनस्तंभवमूर्तिखुलेआसमानकेनिचेबिखरेपड़ेहैं।यहगांवप्राचीनसभ्यताकाकेंद्ररहाहै।इसगांवमेंगहड़वालराजाविजयचंद्रकाताम्रपत्रभीमिलाहै,जिसेविक्रमसंवत1223केभाद्रपदमाहकेशुक्लपक्षकीनवींतिथिसोमवारयानीपांचसितंबर1166कोजारीकियागयाथा।यहांपहाड़ीकीअगरखोदाईहोतोकईप्राचीनजानकारीइतिहासकारोंकोहासिलहोसकेगी।ग्रामीणबतातेहैंकिशिवमंदिरमेंस्थापितबलुआपत्थरकीपूर्वमध्यकालीननृत्यरतगणेशकीमूर्तिस्थापितहै।जिसकीलंबाई36इंचवचौड़ाई25इंचहै।उसकेसमीपनंदीकीभीउसीकालकीएकमूर्तिस्थापितहै।भगवानविष्णुकीएकबलुआपत्थरकीमूर्तिमिलीहै,जिसकेगलेमेंवनमालावकमरमेंकरधनीअलंकृतहै।पहाड़ीकेऊपरपूर्वमध्यकालीनस्तंभवमूर्तिखुलेआसमानकेनीचेबिखरेहैं।गांवकेपूरबवपश्चिममेंस्थितमंदिरकेभीतरऔरबाहरप्राचीनमूर्तियोंकाढेरलगाहै।जिनमेंअधिकतरखंडितहैं।हालांकियहपहाड़ीभीउपेक्षाकीशिकारहोगईहै।गहड़वालवंशकेशासनकागवाहहैसोनहर:सोनहरकाउल्लेखगहड़वालराजाविजयचंद्रकेताम्रपत्रलेखमेंमिलताहै।यहअभिलेखसोनहरकेग्रामीणरामखेलावनकोखेतजोततेसमयप्राप्तहुआथा,जिसेउनकेपौत्रगरीबनमहतोनेराष्ट्रीयसंपत्तिसमझकर11मार्च1959कोपटनाकेतत्कालीनआयुक्तडॉ.श्रीधरवासुदेवकोसौंपदिया।गहड़वालोंद्वाराजारीकियागयाजिलेकापहलाअभिलेखसोनहरकाताम्रपत्रहै।यहअभिलेखगहड़वालराजाविजयचंद्रकाएकघोषणापत्रहै।जिसेविक्रमसंवत1223केभाद्रपदमाहकेशुक्लपक्षकीनवींतिथिसोमवारयानीपांचसितंबर1166कोजारीकियागयाथा।कहतेहैंइतिहासकार:सोनहरमेंपूर्वमध्यकालकेअवशेषकेरूपमेंमृदभांडवमंदिरकेध्वंशावशेषप्राप्तहुएहैं।कईऐसीखंडितमूर्तियांभीमिलीहैं,जिसकीपहचाननहींहोपाईहै।पूर्वमेंयहांसे43.2सेंटीमीटरलंबाव32सेंटीमीटरचौड़ातामपत्रमिलाहै।इसकेसामने26वपीछे10पंक्तियांसंस्कृतभाषामेंअंकितहैं।पुरातात्विक²ष्टिकोणसेइसमहत्वपूर्णपहाड़ीकीगोदमेंकाफीप्राचीनरहस्यछिपेहैं,जिन्हेंउत्खननकेबादहीप्रकाशमेंलायाजासकताहै।

डॉ.श्यामसुंदरतिवारी

इतिहासकारएवंपूर्वशोधअन्वेषक

डॉ.केपीजायसवालशोधसंस्थान-पटना