सिस्टम की बेरुखी से न अमरूद की मिठास बची न पैदावार

ककराला(बदायूं):ककरालाफलपट्टीमेंअमरूदकेबागसूखनेलगेहैं।लगभगएकलाखकीआबादीवालेकस्बेऔरउससेलगेआसपासकेअन्नदाताबदहालीकेकगारपरपहुंचगएहैं।एकदशकपहलेतककीबातकरेंतोकईहजारएकड़क्षेत्रफलमेंफैलेअमरूदकेहरेभरेबागनजरआतेथे,लेकिनवर्तमानमेंइनकीहालातखस्ताहोगईहै।अबयहबागयदाकदाहीनजरआतेहैं।एकदशकमेंअमरूदकीबागबानीको90प्रतिशततककानुकसानहुआहै।जानकारोंकीमानेतोऐसाउखटारोगकीवजहसेहुआहै।

ककरालाकास्वादिष्टअमरूदप्रदेशमेंहीनहींसमूचेदेशमेंपहचानरखताथा।आस-पासकेदेशोंतकमेंइसकीसप्लाईकीजातीथी।इलाकेकेगभ्याईस्थितनर्सरीपरयहजिम्मेदारीथीकिइलाकाईबागवानोंकेखेतोंकीमिट्टीकापरीक्षणकराकरउनकासहीमार्गदर्शनकरें,लेकिनउदासीनताकेचलतेयहभीसंभवनहींहुआऔरअमरूदकेबागखत्महोनेलगेहैं।बागवानीकरनेवालेकिसानोंकाकहनाहैकिसीजनमेंप्रतिदिनअकेलेककरालासेकरीबदोसौसेढाईसौट्रकअमरूददेशकीविभिन्नमंडियोंमेंपहुंचताथाऔरसीजनमेंकईकरोड़रुपयेकाव्यापारहोताथा।जिससेमंडीसमितिकोटैक्सकेरूपमेंप्रतिवर्षकरोड़ोंरूपयेअर्जितहोतेथे,लेकिनअमरूदकीपैदावार90प्रतिशततकघटजानेकीवजहसेमंडीमेंजमाहोनेवालेशुल्कमेंभीभारीगिरावटदर्जकीगईहै।पांचसालकेअंतरालपरफसलकारोटेटहोतेरहनाजरूरीहै।जिससेजमीनकीउर्वराशक्तिकायमरहतीहै,लेकिनकिसानोंकोविभागकीतरफसेकोईजानकारीहीमुहैयानहींहुई।केंद्रऔरराज्यसरकारकीतरफसेसंचालितकृषिसेजुड़ीकल्याणकारीयोजनाओंकीजानकारीकिसानोंतकनहीपहुंचपातीवैसेनियमानुसारफलपट्टीकोसभीमूलभूतसुविधाएंमिलनीचाहिए,लेकिननतोकिसीतरहकीकार्यशालाआयोजितकीगईऔरनहीबैठककरकोईउपयोगीजानकारीदीगई।

कस्बेनेफलउत्पादनमेंजोकुछकियाअपनेबलबूतेपरकियाइसमेंउद्यानविभागनेकिसीतरहकासहयोगनहींकियाहै।करोड़ोंरुपयेमंडीटैक्सकेनामपरलियागया,लेकिनबदलेमेंकुछभीनहींमिला।अमरूदकीबागवानीलगभगखत्महोगईहै।

क्याकहतेहैंव्यापारीफोटो09बीडीएन-59

-व्यापारजगतकेलिएयहकिसीत्रासदीसेकमनहींहै।सरकारजिसजगहकीजोचीजमशहूरहैउसकेउद्योगव्यापारपरध्यानदेनेकीबातकहरहीहै,लेकिनपूरेदेशमेमशहूरअमरूदपरकिसीकाध्याननहींहै।

-फिरोज,व्यापारी