सिरसिया की देवी मां करती है मुरादें पूरी

मधेपुरा:एनएच106किनारेसिरसियामेंनवनिर्मितदुर्गामंदिरमेंधूमधामसेपूजाकीजातीहै।यहांपहुंचनेवालेभक्तोंकीमुदादेंपूरीहोतीहै।वर्ष1972मेंप्रभुनाथसिंह,हलेश्वरयादव,बैजनाथराजभर,बसंतकामत,वअन्यग्रामीणोंनेविधिविधानऔरआस्थासेमांदुर्गाकीप्रतिमास्थापितकरपूजा-अर्चनाशुरूकी।मांकेमंदिरमेंदूरदराजसहितआसपासकेकईगांवकेभक्तपूजाअर्चनाकोपहुंचतेहैं।धार्मिकमान्यताहैसिरसियागांवसहितआसपासकेगांवमेंआनेवालेविपत्तिसेमांदुर्गारक्षाकरतीहै।प्रत्येकनवरात्रमेंकलशस्थापनाकेदिन108कुंवारीकन्याओंकेद्वाराभव्यकलशयात्रानिकालीजातीहै।

नवरात्रिमेंपूजापाठकरानेकेलिएयहांभक्तोंकोइंतजारकरनापड़ताहै।2031तकबुकिगफूलहै।इसबारपूजारंजनकुमारउर्फपप्पूसिंहकरारहेहैं।यहांमंदिरमेंपूजाकेलिएकमेटीकोआवेदनदेनापड़ताहै।उत्तरप्रदेशकेपुजारीलाटबाबामांकापूजासंपन्नकरातेहैं।यहां10दिवसीयमेलेकाआयोजनहोताहै।हरदिनरामलीलाकामंचनहोताहै।अयोध्याकेरामकिकरबाबाप्रवचनदेतेहैं।सिरसियामेंनवरात्रिकेमौकेपर10दिवसीयमेलेकीतैयारीबड़ेहीउत्साहसेकियाजारहाहै।मेलाकेलिएभव्यटेंट,पंडाल,रोशनी,पेयजल,साफसफाई,सुरक्षाव्यवस्थाकीव्यापकतैयारीकीजारहीहै।स्थाईपुजारीवीरेंद्रसिंहसालोंभरयहांपूजासंपन्नकरातेहैं।

भव्यप्रतिमाकाकियाजाताहैनिर्माण

देवीदुर्गासहितअन्यदेवी-देवताओंकीप्रतिमाकोमुंगेरकेमूर्तिकारप्रतिमाकोअंतिमरूपदेनेमेंजुटेहैं।मंदिरकारंगरोगनऔरसांस्कृतिककार्यक्रमकीतैयारीजारीहै।तैयारीकोलेकरसार्वजनिकदुर्गापूजासमितिकेसदस्यसक्रियहैं।यहांभव्यप्रतिमाकानिर्माणकियाजाताहै।

दूरदराजसहितआसपासकेकाफीगांवोंकेश्रद्धालुओंकेलिएआस्थाकाकेंद्रहै।सिरसियाकामातादुर्गाकेदरबारमेंमांगीगईहरमन्नतेंपूर्णहोतीहै।नवरात्रकेदौरानगांवमेंउत्सवीमाहौलबनारहताहै।

प्रभुनाथसिंह,अध्यक्ष