सीमांत जिले फिरोजपुर में बेरोजगारी की मार.. विदेश जाने को मजबूर युवा

तरूणजैन,फिरोजपुर:घर-घरनौकरीदेनेकावादाकरसत्तापरकाबिजहुईराज्यसरकारनेरोजगारमेलोंमेंप्राइवेटकंपनियोंमेंनौकरीदिलावादापूराकरनेकादावाकियाथी।वहींइसवादेसेयुवाखुदकोठगामहसूसकररहेहैं।सीमावर्तीजिलेकेयुवाविदेशजानेकेलिएमजबूरहोरहेहैं।बढ़ेआइलेट्ससेंटर

जिलेमेंरजिस्टर्डकरीब98आइलेट्ससेंटरहैं,उन्हींकेबीचकईयोंनेइमीग्रेशनसेंटरबनारखेहै।आइलेट्ससेंटरकीसंख्यापहलेसेदोगुणाहुईहै।विशेषज्ञोंकेमुताबिकसीमावर्तीक्षेत्रसेही250सेज्यादायुवकहरसालकनाडा,दुबई,आस्ट्रेलियाइत्यादिमेंस्टडी,वर्कवटूरिस्टवीजालेकरजातेहैं।रोजगारमेले

मार्च2017सेफरवरी2020तकजिलेमेंकरीब40रोजगारमेलेलगे।इसमें5870नौकरियोंकेलिए9868युवाओंनेहिस्सालियाथाऔर3627उम्मीदवारचयनितहुएथे।

-वर्ष2019में19से26सितंबरतकराज्यसरकारनेजिलेमें6रोजगारमेलेलगाए।कंपनियोंकीट्रेनिगदेनेकीशर्तकेबादमात्रसातसे15हजारकीनौकरीमिलनेकीबातपताचलीतोनौजवानबैरंगलौटगए।बेरोजगारीसेसताएयुवककररहेविदेशकारुख

सैकड़ोंपंजाबीनौजवानरोजगारकीतलाशमेंमाता-पिताकेसिरपरकर्जकाबोझडालकरकनाडा,आस्ट्रेलियावदुबईजारहेहैं।यहीकारणहैकिराज्यकेइंजीनियरिगकालेजोकेअलावाअन्यकालेजोमेंएडमिशनोंकीसंख्याघटतीजारहीहै।विद्यार्थीस्कूलोंसेदसवीं-बारहवींकरनेकेबादआइलेट्सकाकोर्सकरविदेशजानेकोतवज्जोदेरहेहैं।कालेजोंमेंएडमिशनकम

बेरोजगारीसेत्रस्तयुवाओंमेंविदेशजानेकीहोड़सेकालेजोमेंएडमिशनकमहोरहेहैं।शहीदभगतसिंहस्टेटयूनिवर्सिटीकेवाइसचांसलरबूटासिंहनेबतायाकिइसमेंकोईसंदेहनहींकियुवाओंमेंविदेशजानेकेकारणकालेजोंमेंएडमिशनकमहोरहीहो,लेकिनउनकेद्वाराअबवहकोर्सभीलाएजारहेहैं,ताकिविद्यार्थीबारहवींकेबादविदेशजानेकेबजाययहीसेडिप्लोमाकरकेविदेशजाकरडिग्रीकरेंऔरसाथहीपार्टटाइमकामकरकेअच्छीइंकमभीकरसके।उन्होंनेकहाफिलहालइंजीनियरिगकाक्रेजअभीकमनहींहुआहै,क्योंकितकनीकीयुगमेंकंपनियोंकोइंजीनियर्सकीज्यादाजरूरतहोतीहै।बेरोजगारोंकीसुनो

-एमटेककरचुकीआशिमानेकहाकिइतनीपढ़ाईकरनेकेबावजूदभीवहबेरोजगारहै।सरकारीनौकरीकीतैयारीकरनेकेसाथ-साथपेपरभीदेरहीहै,लेकिनपेपरइतनामुश्किलडालाजाताहैकिक्लियरहोहीनहींपाता।-सीमावर्तीगांवटेंडीवालाकेजसविदरसिंहनेकहाकिउसनेबारहवींकक्षापासकीहैऔरपढ़ाईकेबादनौकरीवकारोबारकासाधननमिलातोउसनेमात्रपिताकेसाथखेतीमेंहाथबंटानाशुरूकिया।