श्रम कानून में बदलाव कर सरकार करना चाहती है शोषण : माकपा

सहरसा।बिहारसमेतदेशकेअन्यराज्योंमेंतीनवर्षकेलिएश्रमकानूनोंकानिलंबनतथा12घंटाकार्यदिवसअध्यादेशकेविरोधमेंशुक्रवारकेविभिन्नमजदूरसंगठनोंनेश्रमकार्यालयपरप्रतिवादमार्चकिया।तथासरकारकेविरोधमेंनारेबाजीकिया।

मौकेपरसंबोधितकरतेहुएसीपीआईकेराष्ट्रीयपरिषदसदस्यओमप्रकाशनारायणनेकहाकिवैश्विकमहामारीकोरोनासंकटकेदरम्यानकेंद्रऔरराज्यसरकारमजदूरोंकेलिएबनेकानूनऔरउसकेअधिकारमेंकटौतीकरनेकेअवसरकेरूपमेंप्रयोगकररहीहै।

इंटककेप्रदेशनेताकेशरकुमारसिंहनेकहाकिबिहारसमेतदेशकेअन्यराज्योंमेंश्रमअध्यादेशमेंपरिवर्तनकरआठघंटेकेबदले12धंटेकार्यदिवसकियागयाहै।इसकेअलावातीनवर्षकेलिएश्रमकानूनोंकानिलंबितकरदेशकेमजदूरोंकोकारपोरेटघरानोंकेसाथशोषणकेलिएधकेलदियाहै।जोघोरअमानवीयअपराधहै।मजदूरसंगठनोंकोगोलबंदहोकरइसकेलिएचरणबद्धआंदोलनकीजरूरतहै।

केन्द्रीयट्रेडयूनियनोंकेसंयुक्तआह्वानपरशारीरिकदूरीकापालनकरतेहुएहुएइसप्रतिवादमार्चकेमाध्यमसेनिलंबितकिएगएसभीश्रमकानूनोंकोअविलंबबहालकरने,12घंटाकार्यदिवसकोतुरंतवापसलेनेतथानिबंधितनिर्माणश्रमिकोंकोलंबितअनुदानराशिकाशीघ्रभुगतानकरनेकीमांगकीगई।मौकेपरएटककेजिलाध्यक्षकृष्णाप्रसादसाह,सचिवप्रभुलालदास,मो.नसीर,उमेशपोद्दार,इंटककेअध्यक्षसत्यनारायणचौपाल,एक्टुकेजिलासचिवमुकेशकुमार,सीटूकेनेतामो.नसीमउद्दीन,रामविलासपासवान,रामगुलामयादव,मो.असलम,मो.सलाम,मनीषकुमार,मो.जाकीर,मो.कमरूद्दीन,सीतारामदास,रामचन्द्रदासआदिमौजूदरहे।