श्रीलंकाई संकट के लिए आर्थिक कुप्रबंधन, गलत नीतियां जिम्मेदार; धार्मिक विभाजन भी रहा कारक: अशोक कंठ

नयीदिल्ली,15मई(भाषा)पड़ोसीमुल्कश्रीलंकावर्ष1948मेंआजादीमिलनेकेबादअबतककेसबसेख़राबआर्थिकदौरसेगुजररहाहै।इसवजहसेवहांलोगसड़कोंपरउतरे,हिंसकप्रदर्शनहुएऔरफिरकर्फ्यूतथाआपातकाललगानेतककीनौबतआई।भारीराजनीतिकउथल-पुथलकेबादअबपूर्वप्रधानमंत्रीरानिलविक्रमसिंघेनेफिरसेदेशकीकमानसंभालीहै।श्रीलंकाकीयहस्थितिकैसेहुईऔरनएप्रधानमंत्रीकेसमक्षक्याचुनौतियांहोंगी,इन्हींसबमुद्दोंपरवरिष्ठराजनयिक,चीनमेंभारतकेराजदूतऔरश्रीलंकामेंभारतीयउच्चायुक्तरहचुकेअशोककंठसे‘‘भाषाकेपांचसवाल’’औरउनकेजवाब:सवाल:श्रीलंकाआजसंकटकेजिसदौरमेंहै,उसकीमुख्यवजहक्यामानतेहैंआप?जवाब:अपनीआजादीकेबादश्रीलंकासबसेबुरेदौरसेगुजररहाहै।आर्थिकसंकटकेसाथहीवहांराजनीतिकसंकटभीहै।यहसंकटपिछलेकईसालोंसेपनपरहाथालेकिनहालकेवर्षोंमेंहुएकुछघटनाक्रमोंनेवहांकीस्थितियांऔरबिगाड़दीं।2019केईस्टरबमधमाकोंमेंसैंकड़ोंलोगमारेगए।इससेपर्यटनसबसेज्यादाप्रभावितहुआ,जोश्रीलंकाईअर्थव्यवस्थाकाबड़ाआधाररहाहै।उसकेबादकोविड-19आगयाऔरअबरुस-यूक्रेनयुद्ध।इनसबकेबीचवहांकेशासकोंकीकुछनीतिगतगलतियांरहीं,जिसनेइसस्थितिकोअप्रत्याशितऔरगंभीरबनादिया।देशकाविदेशीमुद्राभंडारखालीहोनेलगा।ईंधनऔरअन्यआवश्यकवस्तुओंकीभारीकमीहोनेलगी।औरउसकेबादवहांअबराजनीतिकअस्थिरताकेहालातबनगए।अर्थव्यवस्थाकेकुप्रबंधनकेकारणलोगोंमेंभारीनाराजगीहै।प्रधानमंत्रीमहिंदाराजपक्षेकोइस्तीफादेनापड़ाऔरलोगराष्ट्रपतिगोटाबायाराजपक्षेकेइस्तीफेकीमांगकररहेहैं।अबरानिलविक्रमसिंघेनेप्रधानमंत्रीपदसंभालाहै।वहकाफीअनुभवीहैं।आगेदेखतेहैंस्थितियांकैसीउभरतीहैं।उनकेसामनेबहुतसारीचुनौतियांहैं।सवाल:श्रीलंकामेंआर्थिकवराजनीतिकअस्थिरताएशियाईदेशों,खासकरभारतकेलिएकितनीचिंताकीबातहै।क्याकोईखतरादेखतेहैंआप?जवाब:हमसबजानतेहैंकिश्रीलंकाऔरभारतकरीबीमित्रदेशहैं।अर्थव्यवस्थासेलेकरसुरक्षातकहमारेसंबंधबहुआयामीहैं।यहांतककिहमारेसांस्कृतिकऔरऐतिहासिकसंबंधहैं।श्रीलंकामेंअगरकुछहोताहैतोउसकाभारतपरनिश्चिततौरपरअसरपड़ेगाऔरअगरभारतमेंकुछहोतातोउसकाश्रीलंकापरभीअसरपड़ेगा।फिलहालजोस्थितिश्रीलंकामेंहै,वहलंबीखिंचसकतीहै।भारतसरकारनेसबसेपहलेश्रीलंकाकीमददकी,वहभी‘पड़ोसीप्रथम’कीनीतिकाअनुसरणकरतेहुए।एकअरबडॉलरकीऋणसहायतादी।भारतकायहसमर्थनश्रीलंकाकीजनताकेलिएहै,श्रीलंकाईसमाजकेलिएहै।अंतरराष्ट्रीयमुद्राकोष(आईएमएफ)सेश्रीलंकानेजबमददकीगुहारलगाईतोभारतनेइसमेंभीपड़ोसीमुल्ककासाथदियाऔरइसप्रक्रियामेंतेजीलानेकेलिएउसनेहस्तक्षेपभीकिया।इसलिएभारतनेइसमामलेमेंबहुतसहीरुखअपनायाहै।मैंउम्मीदकरताहूंकिआगेभीयहरुखजारीरहेगा।सवाल:आजजोश्रीलंकाकीस्थितिहै,उसमेंक्याआपचीनकीभीकोईभूमिकादेखतेहैं?जवाब:निश्चिततौरपर,इसकासंबंधचीनसेहै।श्रीलंकाकेवर्तमानआर्थिकहालातकासंबंधउनखर्चीलीपरियोजनाओंसेभीहैजिसकेलिएउसनेविदेशीकर्जलिए।कर्जलेकरउसनेबुनियादीढांचाविकासकीनीतिअपनाई।श्रीलंकानेखासतौरपरचीनसेबड़ेपैमानेपरकर्जलियाऔरहंबनटोटाबंदरगाहऔरमतालाराजपक्षेअंतरराष्ट्रीयहवाईअड्डाजैसीबड़ीऔरखर्चीलीपरियोजनाएंशुरूकीं।लेकिनइनपरियोजनाओंसेउम्मीदकेमुताबिकरिटर्ननहींमिलाउसे।कर्जकीकिस्तेंउसेआजभीचुकानीपड़रहीहैं।मौजूदापरिस्थितियोंमेंऐसीउम्मीदकीजारहीथीकिचीनश्रीलंकाकीमददकरेगालेकिनअभीतककोईवैसीमददनहींमिलीउसे।चीनइसपक्षमेंभीनहींथाकिश्रीलंकाआईएमएफकारुखकरे।सवाल:श्रीलंकाकेघटनाक्रमोंसेभारतकोक्यासीखलेनीचाहिए?जवाब:दोनोंदेशोंकीपरिस्थितियांअलगहैंऔरउनकीकोईतुलनानहींकीजासकती।भारतएकबहुतबड़ीअर्थव्यवस्थाहैऔरश्रीलंकाकेमुकाबलेवहअच्छाप्रदर्शनकररहीहै।फिरभीजबहमाराएकपड़ोसीदेशचुनौतियोंकासामनाकररहाहै,तोइसपरिस्थितिमेंहमदोनोंकोसाथमिलकरकामकरनाचाहिए।एकदूसरेकासमर्थनकरनाचाहिएऔरइसीभावनाकेसाथआगेबढ़नाचाहिए।सवाल:भारतमेंएकभावनायहभीहैकिश्रीलंकाईशासकोंनेधार्मिकआधारपरवहांविभाजनकोबढ़ावादियाऔरआजजोउसकीस्थितिहै,उसकेलिएवहभीएककारणरहा?जवाब:श्रीलंकामेंनस्लीयऔरधार्मिकमुद्दोंकासमाधानलंबितहै।श्रीलंकामेंगृहयुद्धहुआथाजोदशकोंतकचलाऔरफिर2009मेंवहसमाप्तहुआ।इसकेबादहीनस्लीयऔरधार्मिकविभाजनकेमुद्देकागंभीरतासेसमाधानहोनाचाहिएथालेकिनऐसानहींहुआ।तमिल,ईसाईऔरमुसलमानसहितश्रीलंकाकेअन्यअल्पसंख्यकसमुदायोंमेंएकभावनाहैकिवहसमाजमेंबराबरकेभागीदारनहींहैं।मेरामाननाहैकियहभीएककारकरहाश्रीलंकाकीवर्तमानस्थितिकेलिए।हालांकिइसकेसाथहीमैंयहभीकहनाचाहूंगकिहालकेदिनोंमेंश्रीलंकामेंजोप्रदर्शनहुएउसमेंसमाजकेसभीवर्गशामिलथे।ऐसानहींथाकिइसमेंसिर्फबहुसंख्यकसमाजकेहीलोगथे।इनप्रदर्शनोंमेंमुसलमान,तमिलऔरईसाईभीशामिलहुए।तोयहएकअच्छासंकेतहै।