शक्ति रुपेण संस्थिता..

सहरसा।ओकाहीपंचायतस्थितदौरमागांवमेंस्थापितचतुर्भुजमहालक्ष्मीस्वरूपामांदुर्गाकीमहिमाअपरम्पारहै।दूर-दूरसेलोगअपनाअराधनालेकरयहांआतेहैं।खासकरदुर्गापूजामेंयहांभक्तोंकीकाफीभीड़लगीरहतीहै।

मंदिरकाइतिहास

ग्रामीणबुजुर्गोंकेअनुसार,वर्ष1930ई.मेंदौरमागांवकेस्वर्गीयपंडितसोनेलालझानेस्वप्नमेंदेखाकिमांदुर्गाकीभव्यरुपवालीप्रतिमाओकाहीडीहमेंजमीनकेनीचेहैतथाप्रतिमाकोवहांसेवापसलानेकीआदेशस्वयंदुर्गामांनेउन्हेंस्वप्नमेंदिया।सुबहहोतेहीउन्होंनेस्वप्नवालीबातग्रामीणोंकोबताई।गाजे-बाजेकेसाथग्रामीणोंनेओकाहीडीहपरस्वप्नमेदेखेगयेस्थानपरखुदाईकीजिसमेंगंधारशैलीकीप्रतिमामिली।जिसेग्रामीणोंनेदौरमागांवमेंस्थापितकिया।ग्रामीणपंडितउदयकांतझा,विमलचन्द्रझानेबतायाकिमाताजीकारुपचतुर्भुजमहालक्ष्मीस्वरुपादुर्गाजीकीहै।यहस्थलमनोकामनापूर्णस्थलकेरूपमेंविख्यातहै।

ऐसेपहुंचेमंदिर

सहरसाजिलामुख्यालयसेपश्चिमसातकिलोमीटरकिदूरीपरअवस्थितइसमंदिरतकपहुंचनेकेलिएसहरसापुलिसलाइनसेअगवानपुरहोतेहुएबिहराजानेवालीसड़कमार्गसेकिसीभीवाहनसेदौरमामंदिरतकजासकतेहैं।

क्याकहतेहैंपुजारी

माताकेदरबारमेंसच्चेमनसेआराधनाकरनेवालोंकीमुरादेंमातापूर्णकरतीहैं।ऐसेकईउदाहरणभीहैं।इसदरबारसेकोईभीभक्तखालीहाथनहींलौटतेहैं।

विश्वम्भरझा,मुख्यपुजारी,दुर्गामंदिरदौरमा।

क्याकहतेहैंपूजासमितिकेअध्यक्ष

मांदुर्गाकीकालेपत्थरसेबनीयहदुर्लभमूर्तिकोविशेषज्ञगंधर्वकलाशैलीकाजीताजागतानमूनाबतातेहैं।पुरातत्वविभागद्वाराकीगईजांचमेंइसेग्रेनेडपत्थरकीप्रतिमाबतायागया।

पारसकुमारझा,अध्यक्ष,दुर्गापूजामेलासमितिदौरमा।