शिक्षकों को बताए गए बच्चों की मानसिक बीमारियों के लक्षण

हरदोई:बच्चोंमेंमानसिकतनावकेचलतेमानसिकबीमारियांबढ़रहीहैं,औरतोऔरअबबच्चेतकआत्महत्याजैसेकदमउठारहेहैं।उन्हेंहीरोकनेकेलिएराष्ट्रीयमानसिकस्वास्थ्यकार्यक्रमकेतहतअबअध्यापकोंकोविशेषप्रशिक्षणदियाजारहाहै।जिलेके70विद्यालयोंसेइसकीशुरुआतकीगईहै।बुधवारकोनघेटामार्गस्थितहोटलमेंविभिन्नविद्यालयोंकेअध्यापकोंकोमानसिकरोगऔरउनकेलक्षणोंकेबारेमेंबतायागया।अध्यापकोंसेकहागयाकिवहबच्चोंपरध्यानदें।

10अक्टूबरकोविश्वमानसिकस्वास्थ्यदिवसकोलेकरखासकार्यक्रमआयोजितहोरहेहैं।बच्चोंमेंमानसिकबीमारियोंकेनियंत्रणकोलेकरअध्यापकोंकोप्रशिक्षणदियाजारहाहै।बुधवारकोकार्यशालामेंनोडलअधिकारीडा.सुशीलकुमारनेकहाकिबल्किमानसिकएवंशारीरिकस्वास्थ्यएकदूसरेकेपूरकहोतेहैं।मानसिकलक्षणमेंमनउदासहोना,पश्चातापकीभावना,नींदकमआना,किसीकाममेंमननलगना,उलझनवघबराहट,निराशाभाव,वस्तुओंकोरखकरभूलजानाएवंसिरदर्दआदिहोतेहैं।उन्होंनेकहाकिवर्तमानमेंमानसिकरोग15से22सालकेबच्चोंमेंभीबढ़रहाहैऔरइसकाकारणपारिवारिककलह,मनचाहीवस्तुनमिलनातथापरिवारकेबड़ेलोगोंकासाथनमिलनाआदिहोताहै।विभिन्नविद्यालयोंकेप्रधानाध्यापकोंआदिसेउन्होंनेकहाकिअपनेस्कूलकेमानसिकरोगसेपीड़ितबच्चोंपरविशेषध्यानदेंऔरबच्चोंकोमानसिकरोगबारेमेंविस्तारसेजानकारीदें।अगरबच्चोंमेंलक्षणदिखतेहैंतोपहलेकाउंसिलिगकराएंऔरफिरजरूरतपड़नेपरउनकाउपचारकराएं।इससेपूर्वसीएमओडॉ.एसकेरावतनेभीसंबोधितकिया।इसमौकेपरसीएमएसडॉ.एसकेशाक्य,डॉ.रविद्रसिंह,डॉ.रामनारायण,विकासगुप्ता,सुरेंद्रप्रताप,डीआईसीप्रधानाचार्यसुधाकरबाजपेईसमेतअन्यविद्यालयोंकेअध्यापकमौजूदरहे।