शहर से गांव तक मिलने लगी दशहरा मेला की आहट

जागरणसंवाददाता,आजमगढ़:विजयदशमीकेआनेमेंतोअभीकईदिनबाकीहै,लेकिनदशहरामेलाकाअहसासहोनेलगाहै।इसमेलेकीसबसेपसंदीदाचोटहियाजलेबीकीदुकानेंसड़ककिनारेलगनीशुरूहोगईहैं।खरीदारभीदुकानोंपरपहुंचनेलगेहैं।वैसेतोचीनीवालीजलेबीबारहोंमहीनेबिकतीहै।कुछदुकानदारचोटहियाकेनामपरगुड़केशीरेकीजलेबीबेचतेहैं,लेकिनकेवलगुड़कीजलेबीइसीमेलेमेंबिकतीऔरखरीदीजातीहै।वहींदेवीकोप्रियचुनरीखरीदनेकीभीहोड़लगीहै।महिलाएंअपनेहिसाबसेतोपुरुषखुदकेलिएउपयोगीचुनरीचढ़ाकरप्रसादस्वरूपधारणकरनेकोआतुरदिखरहेहैं।

फिलहालअभीचोटहियाजलेबीसड़ककिनारेहीबिकरहीहै।स्थाईमिठाईकेदुकानदारअभीफलाहारकीबिक्रीपरध्यानकेंद्रितकिएहैं।ग्राहकोंकीआमदसेजलेबीदुकानदारसंतुष्टहैं।सुबहदुकानखुलरहीहैतोरात10बजेतकहाथनहींरुकरहाहै।बदरकाक्षेत्रमेंजलेबीबेचनेवालेगट्टूगुप्तानेबतायाकिएकदिनमें25से30किलोजलेबीबिकरहीहै।रोजकेदिनोंमेंजलेगीकीबिक्रीपरभलेहीकोरोनाकाअसररहाहोलेकिनत्योहारीमौसममेंचोटहियापरकोरोनाकाकोईअसरनहींहै।उधरचुनरीकाव्यवसायकरनेवालेसुधीरसिंहनेबतायाकिमातारानीकोदोहीचीजप्रियहैजोनारियलऔरचुनरीहै।पुरुषहोंयामहिलाएं,प्रसादस्वरूपचुनरीकोसिरपररखतीहैं।चुनरीकाकोईरेटतयनहींहै।20सेलेकर700रुपयेतककीचुनरीबाजारमेंहै।गोटा,बूटी,जरीआदिकीकढ़ाईवालीचुनरीमहंगीआतीहै।