सड़कों पर घूम रहे बेसहारा, कोई नहीं ले रहा सुधि

-बेसहारापशुओंकोआश्रयदेनेकाशासनकानिर्देशबेअसर

-सैकड़ोंकीसंख्यामेंखुलेमेंविचरणकररहेपशु,जिम्मेदारखामोश

जासं,मेंहदावल,

संतकबीरनगर:मेंहदावलमेंबेसहारापशुओंकोआश्रयकेलिएभटकनापड़रहाहै।सड़कों,गलीवमोहल्लोंमेंसैकड़ोंकीसंख्यामेंबेसहारापशुविचरणकररहेहैंपरंतुइन्हेंगोआश्रयकेंद्रोंपरनहींभेजाजारहाहै।यहदिनभरबाजारमेंसब्जीऔरफलकीदुकानोंपरधावाबोलतेहैंतोरातहोतेहीखेतोंकीतरफरवानाहोजातेहैं।

मेंहदावलब्लाकमुख्यालयकेसामनेहीदर्जनोंकीसंख्यामेंबेसहारापशुअक्सरमौजूदरहतेहैं।उक्तपशुओंकोगोआश्रयकेंद्रपररखवानेकीजिम्मेदारीविकासविभागकेजिम्मेहैं।कहनेकेलिएतोब्लाकमेंआठअस्थाईगोआश्रयकेंद्रबनाएगएहैं।इसमें125पशुओंकोरखनेकीव्यवस्थाहै।मेंहदावलकेकछारक्षेत्रमेंस्थाईगोशालाभीबनीहुईहैजिसमें300सेअधिकपशुमौजूदहोनेकादावाविभागद्वाराकियाजारहाहै।इसकेबावजूदखुलेमेंसड़कोंपरसैकड़ोंकीसंख्यामेंपशुघूमतेदिखरहेहैं।यहकिसानोंकेलिएभीसिरदर्दकाकारणबनेहुएहैं।मेंहदावलबीडीओज्ञानेंद्रसिंहनेबतायाकिजहांभीखुलेमेंपशुविचरणकररहेहैउनकोअभियानचलाकरपकड़वायाजाएगा।सभीपशुओंकेरहने-खानेकीव्यवस्थाकीजाएगी।