सावधान! मोबाइल बन रहा जान का दुश्‍मन, बीते पांच सालों में हुई 40 हजार दुर्घटनाएं

नईदिल्ली,अनुरागमिश्र।वाहनचलातेसमयमोबाइलफोनकाइस्तेमालनकरें।यहचेतावनीनजानेहमकितनीबारसुनते-पढ़तेहैं,लेकिनइसेहमहमेशानजरअंदाजकरदेतेहैं।इसहिदायतकोअनदेखाकरनालगातारमहंगापड़रहाहै।सड़कपरिवहनएवंराजमार्गमंत्रालयकीरिपोर्टकेअनुसार,बीतेपांचसालोंमेंमोबाइलफोनकाइस्तेमालकरनेकीवजहसेकरीबचालीसहजारदुर्घटनाएंहोचुकीहैं।रिपोर्टकेमुताबिक,2016मेंवाहनचलातेसमयमोबाइलकाइस्तेमालकरनेकेकारण4976दुर्घटनाएंहुईतो2017में8526दुर्घटनाओंकाकारणमोबाइलकाप्रयोगथा।2018मेंमोबाइलकाप्रयोग9039दुर्घटनाओंकीवजहबना,तो2019मेंयहआंकड़ा10522पहुंचगया।2020में6753दुर्घटनाओंकाकारणमोबाइलपरबातकरनेकीवजहसेहुईहै।

दोपहियावाहनचालकहोरहेसबसेअधिकशिकार

सड़कदुर्घटनामेंसबसेअधिकशिकारदोपहियावाहनचालकहोरहेहैं।2019मेंजहांदोपहियावाहनचालकोंकी47936दुर्घटनाएंहुईथीं,जिसमें17883लोगोंकोअपनीजानगंवानीपड़ीथी।2020में44784दोपहियावाहनचालकोंसेजुड़ीसड़कदुर्घटनाएंहुईं,जिसमें18200लोगोंकीमौतहुईथी।2019मेंदुर्घटनाओंमें7749पैदलयात्रियोंकीमौतहुईथी,तो2020में7753लोगोंकोहादसेकीवजहसेअपनीजानगंवानीपड़ीथी।

दोपहियावाहनोंकेहादसोंकीवजह

डा.रवींद्रकुमारकहतेहैंकिबाइककाबैलेंसयास्टेबिलिटीकमहोतीहै।छोटासागड्ढापड़नेपरभीबाइकडिसबैलेंसहोजातीहै।जिससेहादसेहोतेहैं।बाइकमेंलोडफैक्टरभीकमकरताहैहल्कीबाइकहोयासिर्फएकआदमीबाइकपरहोतोगड्ढापड़नेपरगाड़ीजल्दीडिसबैलेंसहोजाएगी।इसीवजहसेबाइकचलानेवालोंकीहादसोंकीसंख्याज्यादाहोतीहै।बाइकगड्ढेपरपड़नेपरबहुतजल्दीबैलेंसखोदेतीहै।साथहीबाइकसवारज्यादातरआगेचलरहीबड़ीगाड़ीसेदूरीकमरखतेहै।इसकीवजहसेभीबड़ेहादसोंकाशिकारज्यादाहोतेहैं।आईआईटीबीएचयूकेसिविलइंजीनियरिंगकेप्रोफेसरडा.अंकितगुप्ताकहतेहैंकिटूव्हीलरकोहेलमेटअनिवार्यतौरपरपहननाचाहिए।कईहादसोंमेंयहदेखनेमेंआताहैकिदोपहियावाहनचालकोंकीमौतइसलिएहुईक्योंकिउन्होंनेहेलमेटनहींपहनाथा।हेलमेटकोसख्ततौरपरपहनानेसेहादसेकमकिएजासकतेहैं।

येकहतेहैंएनसीआरबीकेआंकड़े

एनसीआरबीकेआंकड़ोंकाअगरहमविश्लेषणकरेंतोपातेहैंकिदेशमेंहरघंटे18लोगसड़कहादसोंमेंजानगंवारहेहैंजबकि48दुर्घटनाएंहर60मिनटमेंरहीहै।एनसीआरबीकेआंकड़ेइसबातकीओरइशाराकरतेहैंकिओवरस्पीडिंगकारोमांचमौतकासौदाबनरहाहै.2019मेंकुलसड़कदुर्घटनाओंमें59.6हादसेतेजगतिसेवाहनचलानेकीवजहसेहुएहैं.इसकीवजहसे365दिनोंमें86,241लोगोंकीमौतहुईहैजबकि2लाख71हजार581लोगघायलहोगए।

येकहतीहैसड़कदुर्घटनाओंपरआईरिपोर्ट

विश्वबैंकद्वाराजारीएकरिपोर्टमेंकहागयाथाकिसड़कदुर्घटनाओंमेंहताहतहोनेवालेलोगोंमेंसबसेज्यादाभारतकेहोतेहैं।भारतमेंदुनियाकेसिर्फएकफीसदीवाहनहैं,लेकिनसड़कदुर्घटनाओंमेंदुनियाभरमेंहोनेवालीमौतोंमेंभारतकाहिस्सा11प्रतिशतहै।देशमेंहरघंटे53सड़कदुर्घटनाएंहोरहीहैंऔरहरचारमिनटमेंएकमौतहोतीहै।रिपोर्टकेअनुसार,पिछलेएकदशकमेंभारतीयसड़कोंपर13लाखलोगोंकीमौतहुईहैऔरइनकेअलावा50लाखलोगघायलहुएहैं।रिपोर्टमेंकहागयाकिभारतमेंसड़कदुर्घटनाओंकेचलते5.96लाखकरोड़रुपयेयानीसकलघरेलूउत्पाद(जीडीपी)के3.14प्रतिशतकेबराबरनुकसानहोताहै।सड़कपरिवहनएवंराजमार्गमंत्रालयकेद्वाराहालहीमेंकियेगयेएकअध्ययनमेंअनुमानलगायागयाहैकिभारतमेंसड़कदुर्घटनाओंसे1,47,114करोड़रुपयेकीसामाजिकवआर्थिकक्षतिहोतीहै,जोजीडीपीके0.77प्रतिशतकेबराबरहै।मंत्रालयकेअनुसार,सड़कदुर्घटनाओंकाशिकारलोगोंमें76.2प्रतिशतऐसेहैं,जिनकीउम्र18से45सालकेबीचहैयानीयेलोगकामकाजीआयुवर्गकेहैं।