सालों बाद भी न बुझ सकी पानी गांव की प्यास

संवादसूत्र,नारखी:ब्लाकसेआठकिमी.दूरसिरसानदीकेनिकटपानीगांवबसाहै।इसगांवकानामपानीगांवहै,लेकिनपूरेगांवमेंग्रामीणोंकीप्यासबुझानेकोअबतकपानीकाइंतजामनहींहोसका।मौकेकाफायदाउठातेहुएकुछलोगोंनेगांवमेंसबमर्सिबलसेपानीबेचनेकोअपनाधंधाबनालियाहै।ग्रामीणोंनेप्यासबुझानेकोजनप्रतिनिधियोंसेकईबारगुहारलगाई,लेकिनउनकाइंतजारअबतकखत्मनहींहुआहै।

साढ़ेतीनहजारसेअधिकआबादीवालेपानीगांवतकपहुंचनेकेलिएकोईरास्तानहींहै।कहनेकोगांवजानेकेलिएतीनरास्तेहैं।नारखीसेजाटऊहोकरपानीगांवजाएंतोचारकिमीतककारास्तागड्ढोंमेंतब्दीलहै।गड्ढायुक्तसड़कपरलगनेवालेहिचकोलेवाहनोंकीउम्रघटादेतेहैं।कोटलारोडसेगांवजाएंतोतीनकिमीकामार्गसालोंसेखराबपड़ाहै।आखिरीमार्गजलेसररोडसेहोकरजाताहै,वहभीऊबड़-खाबड़हालमेंहै।वहींगांवकापरिक्रमामार्गभीगड्ढोंमेंतब्दीलहोगयाहै।गांवमेंनालियांचोकपड़ीहैं।गांवमेंसबसेबड़ीसमस्यापानीकीहै।हालातयहहैगांवमेंसबमर्सिबलसेपानीकीसप्लाईकरकुछलोगोंनेइसेकारोबारबनालियाहै।हालांकिसमाजसेवीकृष्णगोपालशर्माअपनेमुहल्लेमेंपानीकीपाइपलाइनडलवाकरघर-घरमेंफ्रीपानीपहुंचारहेहैं।-येहैंप्रमुखसमस्याएं:

-गांवमेंखारेपानीकीहैसमस्या

-नहींबनसकीहैंअबतकसड़कें

-शौचालयपड़ेहुएहैंअपूर्णगांवमेंयहहैंचारमजरे:तोतलपुर,छतरपुर,गुदाऊं,ठार।

-गांवतकआनेकेलिएतीनरास्तेहैं,लेकिनतीनोंहीखराबपड़ेहुएहैं।नईबाइकभीइनमार्गोपरचलकरएकहीमहीनेमेंसर्विसमांगनेलगतीहैं।-नीरजशर्मा,ग्रामीण-सरकारविकासकीबातेंकररहीहै,लेकिनहमारेगांवमेंतोविकासकीबातकरनाबेमानीहै।गांवननालियांहैंनहीसड़केंबनीहैं।-पुष्पेंद्रकुमारशर्मा,ग्रामीण-नदीकिनारेगांवहै,लेकिनपानीकीगंभीरसमस्याहै।हमलोगोंकोसालोंसेखरीदकरपानीपीनापड़रहाहै।ऐसाशायदहीकोईगांवहो,जहांपानीभीबिकताहो।-राजकुमार,ग्रामीण-हरबारचुनावआतेहैं,लोगविकासकेनामपरवोटमांगतेहैं।हमारेगांवमेंतोविकासकेनामपरआजतककुछदिखाईनहींदेता।गांवसड़केंतकनहींबनीहैं।-मलखानसिंह,ग्रामीण