साइकिल चलाकर मनोरंजन कर रहे बलवंत

संवादसूत्र,हरोली:हरोलीकेकांगड़मेंहोशियारपुरनिवासीबलवंत¨सहचारदिनतकदिन-रातसाइकिलचलारहेहैं।उन्हेंदेखनेकेलिएकईलोगपहुंचरहेहैं।बलवंत¨सहचारदिनतकखाना,नहानासबसाइकिलपरसवारहोकरहीकरेंगे।बलबंतद्वाराकईहैरतंगेजकरतबभीदिखाएजारहेहैं।बलबंत¨सहनेकांचकेगिलाससेईटकोतोड़करदिखायाऔरएकसाथकईबच्चोंकोसाइकिलपरउठाकरकरतबदिखाए।वहींअपनेबालोंसेट्रैक्टरखींचाजिसकीहरकोईतारीफकररहाहै।वहीं,अपनीछातीपरभारीभरकमपत्थरकोतोड़करसभीकोहैरतमेंडालदिया।बलबंत¨सहनेबतायाकिवहयहकार्यपिछले28सालसेकरतेआरहेहैं,उन्हेंबचपनसेहीसाइकिलचलानेकाशौकरहा।शौकमेंशुरूकियाकार्यउनकीआमदनीकाजरियाबनगया,तबसेहीवहइसकार्यकोकरनेलगे।वहपंजाब,हिमाचल,हरियाणा,यूपी,सहितदेशकेकईहिस्सोंमेंअपनेकरतबदिखाचुकेहैं।