साहित्य में रहा है जिले का नाम, जिले की साहित्य सभा है सबसे अधिक पुरानी

जागरणसंवाददाता,कैथल:साहित्यमेंभीजिलेकाकाफीनामरहाहै।जिलेमेंचारसाहित्यसभागठितहैं,जोसाहित्यसेजुड़ेलोगोंकीसामग्रीकोपुस्तकोंकारूपदेनेमेंकार्यरहीहैं।इसमेंसबसेपुरानीसाहित्यसभाहै।जिसे25सालपिछलेवर्षपूरेहोचुकेहैं।वहीं,साहित्यकेक्षेत्रमेंजिलेमेंडा.अमृतलालमदानऔरडा.कमलेशशर्माकाबड़ानामहै।इसकेसाथहीडा.हरीशझंडई,केसरचंद,रिसालजांगड़ा,डा.प्रद्युम्नभल्लाभीसाहित्यसेजुड़करहरियाणवींसंस्कृतिकोबढ़ावादेनेकाकार्यरहाहै।कैथलहरियाणवींसाहित्यकागढ़रहाहै।

साहित्यसभाकीयहइकाइयांकररहींकार्य

जिलेमेंसाहित्यसभाकेसाथराष्ट्रीयकविसंगम,हरियाणाप्रादेशिकलघुकथासंगम,साहित्यप्रेरकसंस्थानकीइकाइयांकार्यकररहीहैं।जिलेमेंइससमयइनचारोंइकाइयोंमेंकुल80सेसाहित्यकेक्षेत्रमेंकार्यकररहेहैं।जबकिकुल22साहित्यकारदिवंगतहोचुकेहैं।

साहित्यकेक्षेत्रमेंइनकारहाहैयोगदान

साहित्यसभाकेमहासचिवडा.प्रद्युम्नभल्लानेबतायाकिसाहित्यकेक्षेत्रमेंडा.अमृतलालमदाननेराष्ट्रीयस्तरपरअपनीपहचानबनाईहै।जिसमेंउनकेकईसंग्रहोंकोराष्ट्रीयस्तरपरपुरस्कारमिलचुकेहैं।इसमेंउनकीरेडियोनाटकसुनोयेअवाजें,मियांकीजूऔरनाटकसंग्रहमेंतथास्तुकहानीसंग्रहकोअखिलभारतीयपुरस्कारमिलचुकेहैं।मदाननेकुल70सेअधिककिताबेंलिखीहैं।इसकेसाथहीजिलेसाहित्यकारगुलशनमदानमुंबईमेंटेलीविजनकेनाटकक्षेत्रमेंजाचुकेहै।जोइससमयएक्टिगकाकार्यकररहेहैं।इसकेसाथहीराणाप्रतापगन्नौरीनेक्षेत्रकाकाफीनामकियाहै।भल्लानेबतायाकिउन्होंनेभीकुल18किताबेंलिखीहैं।जिसमेंकहानीसंग्रह,नाटकसंग्रह,बालसंग्रहशामिलहै।उन्होंनेबतायाकिसाहित्यसभामेंराजेशभारती,कुमारीरचना,रामफलगौड़,डा.तेजेंद्र,शमशेरकैंदलसहितअन्यसाहित्यकारकार्यकररहेहैं।