साहित्य की सेवा और नारी लेखन को प्रोत्साहन देना ही है डा. मलिक के जीवन का लक्ष्य

जागरणसंवाददाता,सोनीपत:डा.कमलेशमलिककिसीपरिचयकीमोहताजनहींहैं।साहित्यकेक्षेत्रमेंउन्होंनेजिलेकोभीदेश-प्रदेशमेंअनूठीपहचानदीहै।पिछलेहीवर्षउन्हेंसर्वश्रेष्ठमहिलारचनाकारकापुरस्कारभीमिलाहै।टीकारामग‌र्ल्सकालेजसेसेवानिवृत्तहोनेकेबादउन्होंनेसाहित्यकीसेवाऔरनारीलेखनकोप्रोत्साहितकरनेकोअपनेजीवनकालक्ष्यहीबनालियाहै।वेअदबीसंगम,महिलाकाव्यमंचजैसीसाहित्यिकसंस्थाओंकेजरियेइसेलगातारप्रोत्साहितभीकररहीहैंऔरयुवासाहित्यकारकीप्रेरणास्त्रोतभीहैं।

बचपनसेहीलिखनेकाशौकरखनेवालीपूर्वप्राचार्यडा.कमलेशमलिककापहलाकहानीसंग्रहचक्रव्यूह1998मेंप्रकाशितहुआथा।इसकेबादसेवेलगातारहरियाणवीवहिदीसाहित्यपरपुस्तकलिखरहीहैं।वर्ष2000मेंपुस्तकशंकरवेदांतवहरियाणाकेसंतसाहित्यप्रकाशितहुआ।वर्ष2008मेंसिर्फअपनेलिएकहानीसंग्रहप्रकाशितहुआ,जिसेवर्ष2010मेंसर्वश्रेष्ठरचनाकापुरस्कारमिलाथा।वर्ष2011मेंकवितासंग्रहप्रकाशितहुआ।सितंबर,2012मेंसंवेदनाकेस्वरप्रकाशितहुई।इसकेसाथहीदर्जनोंकहानीवकविताएंविभिन्नमैगजीनमेंप्रकाशितहोचुकीहै।डा.मलिकअपनेकार्यकालमेंमहर्षिदयानंदविश्वविद्यालयकीमहत्वपूर्णगतिविधियोंमेंसक्रियरहीहैं।वहछहवर्षोंतकदीनबंधुछोटूरामविज्ञानएवंप्रौद्योगिकविश्वविद्यालय,मुरथलमेंवूमैनसेलकीसदस्यरहीं।वहभगतफूलसिंहमहिलाविश्वविद्यालयखानपुरमेंतीनवर्षतकएग्जीक्यूटिवकाउंसिलकीमेंबरभीरहीहैं।आकाशवाणीरोहतकसेकहानीवार्ताएवंकविगोष्ठियोंमेंउनकीसहभागितारहीहै।एनआइसीदिल्लीद्वाराएमिनेंटसिटीजनअवार्ड,दैनिकजागरणद्वाराउत्तमनागरिकसम्मान,प्रज्ञासाहित्यमंच,साहित्यसभाकैथल,साहित्यायनग्वालियर,साहित्यआगमनसमूहनोएडातथारोटरीक्लबसोनीपतजैसीअनेकसाहित्यिकवसामाजिकसंस्थाओंद्वारासम्मानितकियाजाचुकाहै।

साहित्यकेसाथहीसमाजसेवा:

साहित्यकेसाथहीसमाजसेवाकरनाडा.कमलेशमलिककेजीवनमेंशुमारहै।महिलाशिक्षाकोसबसेअहममाननेवालीडा.कमलेशमलिकनेसदैवनारीशिक्षाकोसमाजकेउत्थानमेंसबसेअहममानाहै।शहरकेटीकारामग‌र्ल्सकालेजमेंलगातार14वर्षतकप्राचार्यकेपदपररहनेकेदौरानसदैवलड़कियोंकोशिक्षितबननेकेलिएप्रेरितकिया।उनकामाननाहैकिनारीशिक्षाकोबढ़ावादेनेकेलिएसर्वप्रथमपरिवारकेस्तरपरहीप्रयासकिएजानेकीआवश्यकताहै।वेअपनीरचनाकेजरियेभीइसपरहीबलदेतीहैं।उनकामाननाहैकिसाहित्यकेजरियेभीसमाजमेंबेहतरबदलावलायाजासकताहैऔरइसकेलिएवेलगातारसंघर्षकररहीहैं।डा.मलिकअंतरराष्ट्रीयसमाजसेवीसंस्थाइन्नरव्हीलकेविभिन्नपदोंपररहतेहुएगरीबलड़कियोंकोशिक्षितकरनेएवंमहिलासशक्तीकरणकोबढ़ावादेनेमेंमहत्वपूर्णभूमिकानिभारहीहैं।साथहीगांवोंवनिम्नवर्गकीमहिलाओंमेंजाकरअपनीवार्ताओंकेमाध्यमसेउन्हेंअपनेअधिकारोंकेप्रतिजागृतकरनेकाकामकररहीहैं।