साहित्य की धरा को बना रहे उर्वर

मधुबनी,संस:जिलेकेबेनीपट्टीप्रखंडक्षेत्राधीनशिवनगरगांवनिवासीअक्षयआनन्दसन्नीमैथिलीसाहित्यकेउभरतेहुएलेखकोंमेंएकप्रमूखनामहैं।स्नातकोत्तरकीडिग्रीप्राप्तअक्षयएकनिजीशिक्षणसंस्थानकेसंचालकहैं।मुख्यत:कविता,गजलएवंगीतलेखनमेंरुचिरखनेवालेअक्षयकीपहलीपुस्तक'ओलकतरा,झोलकतरा'बालकवितासंग्रहकेरूपमेंवर्ष2017मेंप्रकाशितहुईथी।अल्पसमयमेंहीपाठकोंसेलेकरमैथिलीसाहित्यजगततकमेंइनकीयहपुस्तकअत्यंतलोकप्रियहुई।वर्ष2018मेंइसपुस्तककेलिएअक्षयकोमैथिलीसाहित्यिकसांस्कृतिकसमिति,मधुबनीद्वारानवहस्ताक्षरपुरस्कारसेसम्मानितकियागया।बालमनकोछलेनेवालीइसपुस्तककीप्रशंसासाहित्यजगतकेदिग्गजोंनेभीमुक्तकंठसेकीहै।अक्षयकहतेहैंकिमुझेविश्वासनहींथाकिमेरीपहलीहीकृतिकोपाठकोंसेइतनाअधिकस्नेहमिलेगा।यहमेरेलिएगौरवकीबातहै।उन्होंनेकहाकिस्कूलीजीवनमेंहिन्दीबालकवितालेखनसेप्रारंभहुआमेरीयात्राआजभीचलरहीहैऔरअभीभीहमसाहित्यिकधरामेंकोंपलउगानेकेगुरसीखहीरहेहैं।अक्षयगीतलेखनमेंभीकाफीसक्रियहैं।इनकानाममैथिलीकेचर्चितगीतकारोंमेंशुमारहोचलाहै।दैनिकजागरणके'पहलीकिताब'कॉलमकीमुक्तकंठसेसराहनाकरतेअक्षयकहतेहैंकिलेखकोंकेप्रयासकोदेश-दुनियाकेसामनेरखनेकीयहअभिनवपहलनि:संदेहप्रशंसनीयहै।