साहब, जाने दो पिता को देनी है अंतिम विदाई

टूंडला,संस,वेकोरोनाकीजंगमेंसिस्टमकेजितनेबड़ेगुनहगारहैंउससेज्यादाकिस्मतकेमारेहैं।कामछूटगयाऔरदामनहींरहा।रहनेकोकिराएऔरदयापरमिलीछतभीचलीगई।इसलिएपैदलहीचलदिए।कोरोनासेज्यादाखतराइन्हेंभूखकासतारहाहै।चलते-चलतेपैरोंमेंछालेपड़गएहैंऔरहिम्मतजवाबदेचुकीहै।रविवारशामतकइन्हेंसरकारघरपहुंचानेकेलिएइंतजामोंमेंलगीथीतोआजसबकुछबदलगया।टूंडलाबार्डरपरलोगोंकीहृदयविदारकदास्तांसुननेऔरदेखनेकोमिलीं,लेकिनइंतजामनहींहोपाया।जागरणनेबार्डरपरबदलेहालातदेखे,पेशहैरिपोर्ट।

सोमवारसुबहसाढ़ेदसबजे:बार्डरपरबैरियरलगाएखड़ीपुलिसनेट्रकरोकाऔरउसमेंबैठीसवारियोंकोउतारदिया।इन्हीमेंसेएकशख्सआगेबढ़ाऔरपुलिसकेसामनेगिड़गिड़ानेलगा।बतायाकिमैंफर्रुखाबादकारहनेवालाहै,नामराजेशहै।गुरुग्राममेंनौकरीकरताहूं।सचमानिएमैंकभीनहींआता,लेकिनखबरआईकिपापानहींरहे।किसीतरहगाड़ीमेंलदकरयहांतकपहुंचाहूं।मुश्किलसेट्रकमिलाहै।बड़ाबेटाहूंइसलिएमुखाग्निमुझेहीदेनाहै,जानेदीजिए।लगातारबढ़तीभीड़कोदेखपुलिसनेइन्कारकरदिया।--सोमवारसुबह11बजे:टूंडला-एत्मादपुरबार्डरपरसबठीकथा,लेकिनअचानकसबरोकदिया।लोगगुहारलगारहेथे।पैदलपहुंचकरबार्डरपारकरनेकेलिएलोगअपनी-अपनीसमस्याबतारहेथे।इसीबीचइटावानिवासीमोहितअग्रवालपहुंचे।बतायाकिमेरेपापाकीतबियतज्यादाखराबहै,एम्बुलेंसमेंलेकरआगराजारहाहूं,लेकिनएम्बुलेंसजाममेंफंसीहै।हालातबेकाबूहोतेजारहेथे।किसीतरहपुलिसनेएम्बुलेंसकोनिकाला,लेकिनएकघंटालगगया।ऐसाहीकुछआगरासेमरीजकोलेकरइटावामैनपुरीजारहीएंबुलेंसकेसाथभीहुआ।वहभीआधाघंटेजाममेंफंसीरही।=दोपहरदोबजे:इलाहाबादजारहीअनीताकेदोनोंपैरसूजगएथे।दससालकीबेटीभीचलनहींपारहीथी।दोदिनपैदलचलनेकेबादकिसीतरहट्रकमेंव्यवस्थाहोगई,लेकिनसीमापरउसेभीपुलिसनेरोककरउतारदिया।रोतेहुएबोलीसाहबअबचलनेकीहिम्मतनहींहैं।पुलिसलोगोंकेदर्दसुनतीरही,किसीकोप्यारसेतोकिसीकोडपटकरसमझातीरहीकिइंतजामहोरहेहैं,लेकिनशामढलनेतककुछनहींहुआ।टॉक--

जयपुरमेंप्राइवेटनौकरीकरताहूंऔरबिहारकारहनेवालाहूं।तीनदिनपैदलचलनेकेबादकिसीतरहएत्मादपुरतकआगए,लेकिनअबआगेजानेकेसारेरास्तेबंदहोगएहै।अबतोईश्वरकीहीमददकीआसहै।-प्रदोषकुमारजयपुरमेंपीओपीकाकामकरतेहैं।कामबंदहोगयातोसारेसाथीघरलौटरहेथे।उनकेसाथमैंभीचलदिया,लेकिनअबपैरजवाबदेगएहैं।बहुतपरेशानीहोरहीहै,समझनहींआरहालखनऊकैसेपहुंचूंगा।--सरवनमौर्या,लखनऊ