सादगी से रहने वालों को भक्ति प्रदान करते हैं भगवान

संवादसहयोगी,जलालाबाद(फाजिल्का):जीवकेप्रेमकीतीनश्रेणियांहैं।प्रथमवेजोप्रेमकरनेवालोंसेअपनीस्वार्थसिद्धिकेलिएप्रेमकरतेहैं,जैसेमाता-पिताअपनीसंतानसे।दूसरेवेजोप्रेमनकरनेवालोंसेभीप्रेमकरतेहैं।तीसरेवेजोप्रेमकरनेवालोंसेभीप्रेमनहींकरते।यहविचारकथावाचकभाईनरेशनेछठेदिनश्रीकृष्णामंदिरमेंश्रीमदभागवतकथाकरतेहुएव्यक्तकिए।उन्होंनेकहाकिभगवानकाभजनधनीहोकरकरनाकठिनहै,जबकिदीन-हीनबनकरजीवजबभगवानकोयादकरताहैतोभगवानसुदामाकीतरहउसेरंकसेराजाबनादेतेहैं।सभीसंकटोंकोसमाप्तकरदेतेहैं।भगवतप्राप्तिकासरलमार्गबतातेहुएभाईनरेशनेकहाकिकलियुगमेंभगवाननयोगसे,नतपसे,नदक्षिणासेऔरनतीर्थस्नानसेमिलतेहैं,बल्किप्रभुकानामलेनेसेजीवउसेप्राप्तकरसकताहै।

उन्होंनेकहाकिश्रद्धालुअपनेव्यवहारमेंभीश्रीमद्भागवतकथापुराणकोलाएं।अपनेपुत्रवपुत्रियोंकेविवाहसादगीपूर्ण,आडंबररहित,फिजूलखर्चीरहितहोनेचाहिएंक्योंकिभगवानसादगीसेरहनेवालोंकोअपनीभक्तिप्रदानकरतेहैं।भाईनरेशनेश्रद्धालुओंसेआह्वानकियाकिकथासुनकरअपनेजीवनमेंसत्य,सेवा,परोपकार,सहनशीलता,आपसीसदभाववप्रभुभक्तिजीवनमेंव्यवहारिकरूपसेलाएं।श्रीसनातनधर्मसभाकेप्रधानप्रेमकुमारवलेचानेबतायाकि23जूनसेशुरूहुईश्रीमदभागवतकथाकासमापन30जूनकोहोगा।

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