Russia-Ukraine War: युद्ध क्षेत्र में फंसे लोग कैसे निकलें सुरक्षित बाहर, रूस-यूक्रेन दोनों पर लग रहे युद्धविराम में सहयोग न करने के आरोप

यहनकेवलचिंताजनकहै,बल्किनिराशाजनकभीकिरूसऔरयूक्रेनमेंबातचीतकासिलसिलाकायमरहनेएवंउनकीओरसेयुद्धविरामकोलेकरसहमतिजतानेकेबादभीउसपरसहीढंगसेअमलनहींहोरहाहै।इसकेचलतेलड़ाईवालेशहरोंमेंनकेवलयूक्रेनकेलोगफंसेहुएहैं,बल्किभारतीयोंसमेतअन्यअनेकदेशोंकेनागरिकभी।उनकेसामनेनकेवलखाने-पीनेकासंकटहै,बल्किजानबचानेकाभी।

सच्चाईजोभीहो,इसमेंसंदेहनहींकिवहांतमामनिर्दोष-निहत्थेलोगोंकीजानखतरेमेंहै।इससेभीइन्कारनहींकियाजासकताकिकहीं-कहींयूक्रेनकेलड़ाकेविदेशीनागरिकोंकोबाहरनिकालनेमेंअड़ंगेडालरहेहैं।शायदइसीकारणभारतीयप्रधानमंत्रीकोपहलेयूक्रेनऔरफिररूसकेराष्ट्रपतिसेबातकरनीपड़ी।वास्तवमेंइसकीचिंतारूसऔरयूक्रेनकेसाथ-साथअमेरिकाएवंउसकेसहयोगीदेशोंकोभीकरनीचाहिएकियुद्धक्षेत्रमेंफंसेलोगसुरक्षितबाहरनिकलें।यहदेखनादयनीयहैकियेदेशयूक्रेनमेंहोरहीतबाहीपरचिंतातोजतारहेहैं,लेकिनइसकेलिएकुछनहींकररहेहैंकिवहांयुद्धविरामप्रभावीतरीकेसेलागूहो,ताकिजान-मालकीक्षतिकोरोकाजासके।वेशांतिप्रयासोंकोबलदेनेकेबजाययूक्रेनकोहथियारउपलब्धकरानेमेंलगेहुएहैं।

क्यायहविचित्रनहींकिभारत,इजरायल,तुर्कीआदितोयुद्धविरामऔरबातचीतसेसमस्यासमाधानकेलिएपहलकररहेहैं,लेकिनअमेरिका,ब्रिटेनकीओरसेऐसाकोईप्रयत्ननहींकियाजारहाहै।यहतबहैजबयूक्रेनमेंसैकड़ोंलोगमारेजाचुकेहैंऔरकरीब15लाखलोगवहांसेपलायनकरनेकेलिएविवशहुएहैं।इसभीषणमानवीयत्रसदीकेबीचइसकीभीअनदेखीनहींकीजासकतीकिअमेरिकाऔरउसकेसाथीदेशरूसकीसुरक्षाचिंताओंकोसमझनेकेबजायउसेउकसानेवालेकामकरनेमेंलगेहुएहैं।

वेभलेहीयूक्रेनकीसीधीमददकरनेसेइन्कारकररहेहों,लेकिनउसेहथियारदेकरसंघर्षकोभड़कानेकाहीकामकररहेहैं।इसपरभीगौरकरेंकियूरोपीयदेशरूसपरप्रतिबंधभीलगारहेहैंऔरउससेतेलएवंगैसकीखरीदभीकररहेहैं।आखिरयहएककिस्मकापाखंडनहींतोऔरक्याहै?