ऋतुराज वसंत करता फागुन की अगवानी

अंबेडकरनगर:ऋतुराजवसंतकाआजमंगलवारसेआगमनहोचुकाहै।प्रसिद्धसाहित्यकारडॉनिरुपमाश्रीवास्तवकहतीहैंकिवसंतआतेहीजड़सेचेतनतकउत्साहनजरआनेलगताहै।खेत-खलिहानहरियालीसेलदेदिखाईदेतेहैं।पेड़-पौधोंमेंकोपलेंफूटनीप्रारंभहोजातीहैं।आमकेपेड़मेंबौरशुरूहोजातेहैं।इसऋतुमेंमौसमखूबसूरतहोजाताहै।ठंडविदाहोनेकाअहसासकरानेकेसाथमौसममेंगर्माहटआजातीहै।फूल,पत्ते,आकाश,धरतीसबपरबहारआजातीहै।सारेपुरानेपत्तेझड़जातेहैंऔरनएफूलआनेलगतेहैं।प्रकृतिकेइसअनोखे²श्यकोदेखहरव्यक्तिकामनमोहजाताहै।मौसमकेइससुहावनेमौकेकोउत्सवकीतरहमनायाजाताहै।वसंतपंचमीकोश्रीपंचमीतथाज्ञानपंचमीभीकहतेहैं।

मांसरस्वतीकेअवतरणकीप्रचलितकथा:सृष्टिकीरचनामेंजबभगवानविष्णुनेरचनाकाकार्यब्रह्माजीकोदियातबखुशनहींथे।सृष्टिनिर्माणकेबादउदासीसेभरावातावरणदेखवेविष्णुजीकेपासगएऔरसुझावमांगा।फिरविष्णुजीकेमार्गदर्शनकेअनुसारउन्होंनेअपनेकमंडलसेजलधरतीपरछिड़का,तबएकचतुर्भुजसुंदरीहुई,जिसनेजीवोंकोवाणीप्रदानकी।यहदेवीविद्या,बुद्धिऔरसंगीतकीदेवीथीं,उनकेआनेसेसारावातावरणसंगीतमयवसरसहोउठाइसलिएउन्हेंसरस्वतीदेवीकहागया।इसदिनसरस्वतीदेवीकाजन्मबड़ेउल्लासकेसाथमनातेहुएपूजाभीकीजातीहै।लोगअपनेघरोंमेंसरस्वतीयंत्रस्थापितकरतेहैं।इसदिन108बारसरस्वतीमंत्रकेजापकरनेसेअनेकफायदेहोतेहैं।इसदिनबच्चोंकीजुबानपरकेसररखकरनीचेदिएगएमंत्रकाउच्चारणकरायाजाताहै।इससेवाणी,बुद्धिऔरविवेकमिलताहै।