रंग बिरंगी यादों के साथ संजोये रखने का नाम है बचपन

जागरणसंवाददाता,अबोहर:दिव्यज्योतिजागृतिसंस्थानकीओरसेवीरवारकोडिवाइनलाइटस्कूलमेंविद्यार्थियोंकेलिएशिक्षाप्रदसेमिनारकाआयोजनकियागया।इसमेंसंस्थानकीओरसेस्वामीविज्ञानानंदनेमानवजीवनमेंबचपनकीश्रेष्ठताकोसर्वोपरिमानतेहुएबतायाकिबचपनसिर्फएकशब्दनहींहैवरनकईकोरेपन्नोंकोरंगबिरंगीयादोंकेसाथएकबस्तेमेंसंजोएरखनेकानामहै।विकासात्मकमनोविज्ञानमेबचपनअविशिष्टहैऔरयहबचपनऔरवयस्कताकेबीचकीअवधिकोदर्शाताहै।अवधारणाकेरूपमेंकुछलोगबचपनकोखेलऔरमासूमियतसेजोड़करदेखतेहैंजोकिशोरावस्थामेंसमाप्तहोताहै।बचपनशब्दकोपढ़तेयासुनतेहीएकअजीबसीहलचलसबकेभीतरमहसूसहोतीहैऔरनचाहतेहुएभीवहशख्सऐसीयादोंसेभीगजाताहैजोबेहदखूबसूरतहोतीहैं।

बालश्रमकोअनुचितस्वीकारकरतेहुएस्वामीजीनेबतायाकिदुर्भाग्यवशकुछबच्चेऐसेभीहोतेहैंजिन्हेंहमखुलकरबचपनजीनेनहींदेते।उसनन्हींसीजानपरसमयसेपहलेहीखेलनेकीउम्रमेंहीउन्हेंखिलौनोंकीजगहकूड़े-कचरोंकेढेरसेकचराचुनकरकमानेकोमजबूरकियाजाताहैतोकुछकोभीखमांगनेजैसीगन्दीबीमारियोंसेग्रसितहोनापड़ताहै।यदिहमअपनीश्रमकाकुछहिस्साऐसेजरूरतमंदबच्चोंपरखर्चकरदेंतोशायदहमकिसीकाबचपनबिगड़नेसेबचासकतेहैं।वोमुस्कराहटजोदिलसेनिकलतीहैउसेहमजीवितरखनेमेंसफलहोसकतेहैं।किसीकेबचपनकोबचाकरहीहमअपनेबीतेबचपनकोदोहरासकतेहैंऔरखुशियोंकोअपनीपरछाईंबनासकतेहैं।बचपनसेहीशिक्षाप्राप्तिप्रत्येकमनुष्यकामौलिकअधिकारहै।जिससेराष्ट्रकीभावीपीढ़ीकासुगठितऔरसुनियोजितनिर्माणहोसकताहै।इतिहासमेंऐसीप्रतिभाओंनेभीजन्मलियाजिनकीउम्रबचपनकीथीऔरसोचपचपनकीथीसंदर्भानुकूलईश्वरचन्द्रविद्यासागरभगतसिंहलक्ष्मीबाईलोहपुरुषसरदारवल्लभभाईपटेलइत्यादि।बच्चोंकोशिक्षाप्रदानकरआजभीबालश्रमपरपूर्णप्रतिबन्धलगासमाजकाप्रत्येकव्यक्तिराष्ट्रनिर्माणमेंअपनापूर्णयोगदानदेसकताहै।

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