रेवाड़ी की धरती पर पहुंचीं रूस की लाखों गुलाबी मैना, जानें- भारत आकर क्यों बढ़ जाती है इनकी सुंदरता

रेवाड़ी[अमितसैनी]।रेवाड़ीकीधराइनदिनोंरूससेआएमेहमानोंसेगुलजारहै।लाखोंकीतादादमेंरूससेआईंगुलाबीमैना(रोजीस्टार्लिंग)नेशहरमेंहीअनाजमंडीवइसकेआसपासडेराडालाहुआहै।शामकोजबगगनमेंइनकाझुंडउड़ानभरताहैतोऐसालगताहैमानोआकाशइनकेपंखोंतलेकहींछिपगयाहो।शहरवासियोंकेलिएरूसीमेहमानइनदिनोंकौतूहलकेकेंद्रबनेहुएहैं।

घरवापसीकेलिएभरचुकीहैंउड़ान

रूसकीरोजीस्टार्लिंगकोभारतमेंगुलाबीमैनाअथवातिल्यारकेनामसेजानाजाताहै।गुलाबीमैनाप्रवासीपक्षीहैतथायह6से8माहतकभारतमेंरहतीहैं।प्रवासकेदौरानमैदानीवजंगलीक्षेत्रहीइनकाठिकानाहोताहै।गुलाबीमैनारूसकेअलावामुख्यतौरपरकजाकिस्तानमेंभीपाईजातीहैं।इनदेशोंमेंजैसेहीसर्दीबढ़तीहैतोयेभारतमेंप्रवासकेलिएउड़ानभरदेतीहैं।भारतमेंगुलाबीमैनाजुलाई-अगस्तमेंआजातीहैंऔरलगभग6से8माहतकघासकेमैदानोंयासमतलीक्षेत्रोंमेंखेतोंकेआस-पासपेड़ोंपरइनकाझुंडप्रवासकरताहै।टिड्डीदलकीतरहलाखोंकेसमूहमेंयेपक्षीभारतमेंआतेहैं।

लौटतेसमयबेहदसुंदरहोजातीहैमैना

गुलाबीमैनाकासिर,छातीवपूंछकालेरंगकीहोतीहै,जिसपरनीलेवबैंगनीरंगकीचमकहोतीहै।इसकापिछलाहिस्सा,छातीकेनीचेकाहिस्सावपेटकारंगपीलागुलाबीहोताहै।इसकीचोंचपीलीतथापंजेचमकीलेगुलाबीरंगतथाआंखकीपुतलीभूरेरंगकीहोतीहै।भारतसेलौटतेसमयगुलाबीमैनाबेहदसुंदरहोजातीहै,क्योंकिउसकेप्रजननकासमयनजदीकहोताहै।

ऊंचेपेड़देखकरडालाडेरा

वनमंडलअधिकारीसुंदरलालसांभरियाकीमानेंतोगुलाबीमैनाबेहदसामाजिकहोतीहैं,इसलिएहरसमयसमूहमेंहीरहतीहैं।इसपक्षीकामुख्यभोजनपीपल,बरगद,पिलखन,शहतूत,जाल(साल्वडोरा)आदिकेफलतथाग्रासहूपर,टिड्डीवखेतीकोनुकसानपहुंचानेवालेपतंगोंकेलार्वाहोतेहैं।इनदिनोंइनपक्षियोंनेअनाजमंडीवइसकेआसपासइसलिएडेराडालाहुआहैक्योंकियहांऊंचे-ऊंचेपीपलकेपेड़हैं।इनपेड़ोंपरफलआएहुएहैं,जिनकोबरबंटीकहतेहैं।येफलगुलाबीमैनाकोखासेप्रियहैं।अबइनपक्षियोंकावापसलौटनेकासमयहैतथावापसीमेंहीयहरेवाड़ीमेंरुकीहैं।सुंदरलालकाकहनाहैकिगुलाबीमैनापहलेभीयहांसेगुजरतीरहीहैं,लेकिनपहलीबारशहरमेंइनपक्षियोंनेतीनचारदिनकेलिएप्रवासकियाहै।मईसेपहले-पहलेगुलाबीमैनावापसअपनेदेशलौटजाएंगी,क्योंकिवहींपरयेघोंसलाबनाकरप्रजननकरेंगी।

प्रवासीपक्षियोंकाठिकानाबनादक्षिणीहरियाणा

दक्षिणीहरियाणाकीबेल्टप्रवासीपक्षियोंकाप्रमुखकेंद्रबननेलगाहै।झज्जरकी¨भडावासझील,गुरुग्रामकीसुल्तानपुरझीलकेसाथहीरेवाड़ीकेमसानीबैराजमेंबनाईगईकृत्रिमझीलकेआसपासहरसालकईदेशोंसेप्रवासीपक्षीआतेहैंऔरबसेराबनातेहैं।