राठ डिपो की 40 बसों में टायर ही नहीं, खिड़की-दरवाजे जर्जर

संवादसहयोगी,राठ:प्रदेशमेंकभीबसोंकोलेकरबेहतरस्थानरखनेवालाराठडिपोइससमयअपनीदुर्दशापररोरहाहै।डिपोकेबेड़ेमेंशामिल88बसोंमेंकेवल48बसेंहीसंचालितहैं।शेष40बसेंकेवलबिनाटायरोंकेडिपोकीशोभाबढ़ारहीहैं।कईदिनोंसेयहस्थितिहोनेकेकारणखिड़कीवदरवाजेभीजर्जरहोचुकेहैं।वहींकानपुर,झांसीवलोकलरूटकेयात्रियोंकोपरेशानीउठानीपड़रहीहै।घंटोंइंतजारकेबादबसनमिलनेपरप्राइवेटवाहनोंकासहारालेनापड़ताहै।

एकसमयथाजबउप्रपरिवहनमेंराठडिपोकानामप्रदेशमेंसबसेऊपरलियाजाताथा।उससमयडिपोकीबसेंविभिन्नरूटोंपरनियमितसंचालितहोकरअच्छीआमदनीदेतीथी।जिससेसरकारकेराजस्वकीअच्छीखासीबढ़ोतरीहोतीथी।लेकिनबीतेकुछसमयसेराठडिपोकेहालातखस्ताहैं।बसोंकेअभावमेंडिपोपरिसरकईघंटेतकखालीपड़ारहताहैऔरयात्रीअपनेगंतव्यतकजानेकेलिएइंतजारकरतेहुएनजरआतेहैं।राठडिपोसेदिल्ली,लखनऊ,कानपुर,गोंडा,बनारस,झांसीसहितविभिन्नमार्गोंपरप्रतिदिनबससेवासंचालितहैं।लेकिनटायरोंकेअभावऔरस्पेयरपा‌र्ट्सनमिलनेकारणअधिकतररूटोंपरसंचालितहोनेवालीआधीबससेवाठपहै।

राठडिपोकेएआरएमराजकुमारकाकहनाहैकिराठहीनहींप्रदेशकेसभीडिपोकीहालतखराबहैं।बसोंकेस्पेयरपा‌र्ट्सऔरटायरोंकीलगातारकमीबनीहुईहै।विभागकीओरसेबीतेकाफीसमयसेआपूर्तिनहींकीजारहीहै।जिसकेकारणअधिकतररूटोंपरसंचालितहोनेवालीबससेवाएंबंदहैं।वर्तमानमेंडिपोकेबेड़ेकीकरीब40बसेंटायरोंकेअभावमेंखड़ीहुईहैं।