पुस्तक मेला में होता है किताबों से व्यक्ति का साक्षात्कार

खूंटी:पुस्तकमेलामेंएकसाथकईकिताबेंदिखाईपड़तीहैं।इसदौरानप्रत्येकव्यक्तिपांच-सातकिताबोंकेपन्नेपलटकरदेखताहै।उसदौरानव्यक्तिकाकईकिताबोंकेसाथसाक्षात्कारहोताहै।यहबातेंजिलेकेउपायुक्तडॉ.मनीषरंजननेराष्ट्रीयमाध्यमिकशिक्षाअभियानकेतत्वावधानमेंआयोजितपुस्तकमेलाकेदौरानसभाकोसंबोधितकरतेहुएकही।डीसीनेकहाकिइनसाक्षात्कारकेदौरानकईव्यक्तियोंकेजीवनमेंनईउर्जाऔरक्रांतिकीउत्पतिहोतीहै,जिससेवहअपनेसाथदूसरोंकेजीवनमेंबदलावलाताहै।पुस्तकेंहमारीऐसीदोस्तहैं,जिससेहमकिसीवस्तुविशेषकीसकारात्मकऔरनकारात्मकफर्ककोसमझतेहैं।हमारेसमाजमेंकईऐसेलोगहैं,जोप्रत्येकदिनकिसीभीपुस्तकसेदो-चारचीजोंकाज्ञानअर्जनजरूरकरतेहै।पुस्तकमेलामेंपुस्तकप्रेमियोंकेलिए20सेअधिकपब्लिकेशनहैं।अपरसमाहर्तारंजीतकुमारलालनेकहाकिपढ़ाईसेदूररहनेवालेबच्चोंकोपुस्तकमेलामेंलाएं।पुस्तकोंमेंइतनीताकतहैकिवहव्यक्तिकोअपनीऔरखींचलेतीहैं,जिसकेकारणपढ़ाईसेदूररहनेवालाबच्चापढ़ाईकेकरीबचलाआताहै।कईकिताबेंहमदुकानोंमेंढूंढ़तेहैं,लेकिनहमेंदुकानोंमेंनहींमिलतीहैंलेकिनवैसीअधिकांशकिताबेंपुस्तकमेलेमेंमिलजातीहैं।पुस्तकेंहमारेजीवनमेंविभिन्नप्रकारकीजिज्ञासाउत्पन्नकरतीहै।औरउनजिज्ञासाओंकीखोजमेंहमकईजानकारीहासिलकरलेतेहैं।प्रत्येकस्टॉलमेंअलग-अलगऔरअनोखीकिताबेंहैं।जिसेपढ़करव्यक्तिकाजीवनबदलजाएगा।अनुमंडलपदाधिकारीप्रणबकुमारपालनेकहाकिपुस्तकमेलामेंकईऐसेभीस्टॉलहैंजिसमेंग्राहकोंकोविभिन्नप्रकारकीछूटभीदीजारहीहै।खूंटीकेकचहरीमैदानमेंआयोजितचारदिवसीयपुस्तकमेलाखूंटीवासियोंकेलिएएकअवसरकोमौकाहै।जहांएकछतकेनीचेविभिन्नप्रकारकीपुस्तकेंमिलरहीहैं।उन्होंनेअपनेअनुभवसाझाकरतेहुएविद्याíथयोंसेकहाकिजबमैंपढ़ाईकियाकरताथातबइतनेबड़ेपैमानेमेंपुस्तकमेलाकाआयोजननहींहुआकरताथा।खूंटीकेविद्याíथयोंकेलिएयहसौभाग्यकीबातहै।मनमेंजीतकीभावनाकिताबोंकेमाध्यमसेउत्पन्नहुआकरतीहै।कार्यक्रमकीअध्यक्षताकररहेजिलाशिक्षापदाधिकारीभलेरियनतिर्कीनेकहाकिबचेहुएतीनदिनोंमेंइसपुस्तकमेलाकेमाध्यमसेकईव्यक्तियोंकेजीवनमेंबदलावआएंगे।जिलेकेसभीस्कलोंमेंव्हाट्सएपऔरपत्रकेमाध्यमसेपुस्तकमेलाकीजानकारीदेदीगईहै।प्रत्येककिताबोंमेंअलग-अलगगुणहोताहै,जिससेजीवनमेंराष्ट्रभावनाउत्पन्नहोतीहै।मौकेपरजिलापरिवहनपदाधिकारीराकेशकुमार,जिलाशिक्षाअधीक्षकसुरेशचंद्रघोष,आयोजककमलनयनपंकज,संदीपकुमारसमेतविभिन्नस्कूलोंकेशिक्षक-शिक्षिकाएंऔरछात्र-छात्राएंआदिउपस्थितथे।

पुस्तकमेलामेंकार्टून,सामान्यज्ञान,कहानी,लेखआदिकीविभिन्नप्रकारकीरोचककिताबेंहैं।मैनेएकतारेकफतहकीइस्लामिकराज्यकाभ्रमकीकिताबखरीदीहै।पुस्तकमेलामेंआकरकाफीअच्छालगा।

-मनीषाकुमारी,छात्रा

पुस्तकमेलाकाफीअच्छालगा।मेलेमें¨हदीव्याकरण,संस्कृतसे¨हदीसीखेंजैसीअनोखीकिताबेंउचितमूल्योंमेंउपलब्धहै।कुछकिताबोंमेंछूटभीदिएजारहेहैं,जिससेग्रामीणक्षेत्रोंकेगरीबविद्याíथयोंकोकिताबखरीदनेमेंआसानीहोगी

-श्रुतिगुप्त,छात्रा

प्रत्येकतीनसेछहमाहमेंपुस्तकमेलाकाआयोजनजिलेमेंहोनाचाहिए,जिससेजागरूकतातेजीसेफैलेगी।विद्यार्थीअपनेअधिकारऔरकर्तव्योंकेप्रतिसजगहोंगे।इसप्रकारकीपुस्तकमेलाकाआयोजनजिलेकेअन्यप्रखंडोंमेंभीहोनीचाहिए।

-अर्जुनपांडे,शिक्षक