पटना के कंकड़बाग में पेड़ के नीचे लगातार होते श्राद्ध से डरे लोग, बोले- भीड़ से संक्रमण, धुएं से फैल रही निगेटिविटी

एकपेड़परेशानीकासबबहोसकताहै?वहभीपीपलकापेड़?जीहां,यहसचहै.इनदिनोंबिहारकीराजधानीपटनाकेकंकड़बागनिवासियोंकेलिएएकपीपलकापेड़परेशानीकासबबबनाहुआहै।दरअसल,रिहायशीइलाकेमेंइसपीपलकेपेड़केनीचेलोगअपनेमृतपरिजनोंकाश्राद्धकरतेहैं।ऐसेमेंवहांएकपरिवारसे20-30लोगजुटतेहैं।लगातारकोरोनासेहोरहीमौतोंकेबादयहांश्राद्धकेलिएभीड़होरहीहै।लोगहवन,हुमादआदिसेक्रियाक्रमकररहेहैं।

इससेआसपासकेलोगोंकोकाफीपरेशानीहोरहीहै।उनकाकहनाहैकिपूरेदिनश्राद्धकरनेवालोंकीभीड़लगीरहतीहै.लोगकाफीसंख्यामेंआतेहैंऔरकोरोनागाइडलाइनकीधज्जियांउड़ातेहैं।हवनसेउठतेधुंएसेयहांकेलोगभयभीतहैं।

मोहल्लेमेंहोगयानकारात्मकमाहौल

कंकड़बागकेपीसीकॉलोनीमेंलोहियापार्ककेठीकपीछेपीपलकाएकविशालपेड़है।हिन्दूरीति-रिवाजकेमुताबिकपीपलकेपेड़केनीचेमृतव्यक्तिकेपरिजनउनकाश्राद्धकरतेहैं।आस-पासकेइलाकेमेंयहएकमात्रपीपलकापेड़है,जहांलोगश्राद्धकरनेआतेहैं।पेड़केआस-पाससोसाइटीहै।

कोरोनासेहोरहीमौतोंकेबादइसपेड़केनीचेश्राद्धकरनेवालोंकीभीड़लगातारलगीरहतीहै।आसपासकेलोगहैइसेलेकरपरेशानहैंकिपूरेदिनमुहल्लेमेंभीड़लगीरहतीहैऔरधुंआउठतारहताहै।पूरेमोहल्लेमेंनकारात्मकमाहौलहोगयाहै।

यहांकेनिवासीबतातेहैंदर्द

68सालकेइंद्रजीतकालराकाफीसालोंसेइसमोहल्लेमेंरहतेआरहेहैं।कभीइसतरहकामाहौलउन्होंनेनहींदेखा।पहलेयहलोगश्राद्धकरनेवालोंकीमददभीकरतेथे।लेकिन,इनदिनोंहालातयहहैकिइंद्रजीतकालराकेछहलोगोंकेपरिवारमेंतीनकोरोनासेसंक्रमितहैं।जबश्राद्धकरनेवालोंकोदूसरीजगहजानेकोकहतेहैं,तोवोमारपीटपरउतारुहोजातेहैं।

इसीमोहल्लेमेंरहनेवालेदिलीपसहायकहतेहैंकिजोलोगयहांआतेवोसाफ-सफाईकाभीध्याननहींरखतेहैं।हवनकीराख,मिट्टीकेबर्तनकोऐसेहीछोड़देतेहैं।भीड़सुबह8बजेसेरात8बजेतकलगीरहतीहै।हमलोगोंकाघरसेनिकलनामुश्किलहोगयाहै।अबतोमोहल्लेमेंनिगेटिविटीआगईहै।