पतालडीह गांव में भी पाताल पहुंचा पानी

बांका।लोधमपंचायतजानेकेक्रममेंदोकिलोमीटरपहलेमुख्यसड़ककेकिनारेपतालडीहगांवकामाइलस्टोनलगाहै।जोमुख्यसड़कसेएककिलोमीटरअंदरकीतरफस्थितहै।जहांपहुंचनेपरपताचलाकियहांकेहालातभीगांवकेनामसेकाफीमेलखातेहैं।ओढ़नीडैमकेबगलमेंबसेइसपतालडीहगांवमेंभीपानीपातालपहुंचचुकाहै।यहांकाभूजलस्तर50फीटकेकरीबपहुंचगयाहै।गांवकेप्रवेशद्वारसेकुछहीदूरीपरनवसृजितप्राथमिकविद्यालयपतालडीहै।जहांबच्चोंकीप्यासबुझानेकेलिएएकचापाकलहै।जोभूजलस्तरनीचेचलेजानेसेफेलहोचुकाहै।यहांशिक्षाग्रहणकररहेबच्चोंकोअपनीकिताबोंकेसाथहीपीनेकापानीभीलानापड़ताहै।स्कूलकेपासखड़ेग्रामीणउमेशयादवएवंपंकजयादवनेबतायाकिस्कूलकेसाथहीगांवकेअधिकांशचापाकलभूजलस्तरनीचेजानेसेपानीदेनाबंदकरदियाहै।जिससेयहांकेलोगोंकोपेयजलकीसमस्यासेगुजरनापड़रहाहै।स्कूलकेबाहरकिचनमेंबच्चोंकामध्याह्नभोजनबनारहीरसोइयापंचियादेवीएवंउनकीसहयोगीरतनीदेवीनेबतायाकिस्कूलकाचापाकलखराबरहनेसेउसेबच्चोंकेलिएमध्याह्नभोजनबनानेकेलिएकरीबआधाकिलोमीटरगांवकेअंदरजाकरपानीलानापड़रहाहै।जिससेभोजनबनानेमेंपरेशानीहोनेकेसाथहीपीनेकेपानीकीभीसमस्याबरकरारहै।प्रभारीप्रधानाध्यापकरामप्रकाशदासनेबतायाकिभूजलस्तरनीचेजानेसेस्कूलकाचापाकलफेलहोगयाहै।हालांकिइसेदुरुस्तकरानेकेलिएकईबारविभागकोकहागयाहै,लेकिनअबतकइसदिशामेंकोईपहलनहींकीगईहै।जिससेस्कूलआनेवालेबच्चोंवशिक्षकोंकोभीपीनेकापानीसाथलानापड़ताहै।जबकिमध्याह्नभोजनकेलिएगांवकेअंदरसेपानीलानापड़रहाहै।